
Image Credit : Google
एक माह की कठिन तपस्या,होती है रमजान में।
सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में,
रोजे के इस पाक महीना,
ईद मिलन की बेला में,
कहाँ छुपा मेरे भगवन तू,
दुनियाँ के इस मेला में,
ऐ अल्लाह अगर तू रब है,
तू ही ईश्वर और भगवान्,
आकर देख धरा पर कैसे,
उलझ गए सारे नादान,
एक दूजे से नफरत करते,
पशुओं पर भी दया ना करते,
सबका रक्षक तू है फिर भी,
तेरे नाम पर हत्या करते,
हे अल्लाह ज्ञान दो सबको,पाक माह रमजान में,
सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में।……….. Click here to cont…. read….

