Kisaan ki Byathaa

आज अन्नदाता किसान मानसून से जुआ खेलते-खेलते अपना धैर्य खोते जा रहे हैं।उनमें से अधिकतर कर्ज में डूब जानवर से भी बदतर जिंदगी जीने को बेबस हैं।उन्हीं किसानों की बिबसता दर्शाने का एक छोटा प्रयास—

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SIYASAT/सियासत

फर्श से अर्श पर आ गए धर्म के सहारे,अब जातियों का विभाजन तख्त पर कायम रहने का हथियार बनेगा,20-30 साल अब जातियों को लड़ाकर ही साम्राज्य चलेगा।तत्पश्चात आएगा धर्म पुनः नए रूप में,बदलेंगे समीकरण,बदल जाएंगे जातियों के नाम,परन्तु क्या मिट पाएगा जातिवाद?हम धीरे धीरे ही सही मगर,पुनः मिलजुल कर रहने लगे थे,सच है कि कोढ़ […]

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SHADYANTRA/षड्यंत्र

मत कहना कालनेमी उसे,माना भेष बदलने में माहिर है वो।वो कर रहा है वही जो उसके दिल में था,मगर मत कहना कभी कि शातिर है वो।ऊँच,नीच,भेद,भाव से ग्रसित,धूर्त,नफरती, स्वार्थी,लोभी सब हम हैं,हमने ही रखा है गर्दन,उसके तलवार पर,करके भरोसा,वो चौकीदार!महान है,भगवान है,बह जाने दो अगर बहता है रक्त,मगर मत कहना कभी कि कातिल है वो,मगर […]

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Waham/ वहम

ना लडनेवालो की कमी, ना लडानेवालो की,जंग एक बार कभी,ठानो तो सही।ढ़ूँढ़ रहे कहां दोस्त और दुश्मन,सब तो हैं तेरे घर में,चश्मा वहम का उतारो तो सही।दूर होते गए मंजिल,जो करीब थे कभी,मृग मरीचिका से स्वयं कोनिकालो तो सही,है वक्त प्रतिकूल,अनुकूल भी जरूर होगा,निकलेगा राह,निकालो तो सही,चश्मा वहम का उतारो तो सही। !!!मधुसूदन!!!

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Dr. Manmohan Singh/डॉ. मनमोहन सिंह

तुम उन्हें मौन रहने वाला कहोस्टेच्यू कहो या रबर स्टांप!मर्जी तेरी,जनता के लिए अपने दल से बगावत करनई सरकार बना ले,ऐसे हुनर उन्हें हासिल नहीं थे,वे मौन थे भीष्म पितामह की तरह,मगर मत कहना कि वे काबिल नहीं थे,रिटायरमेंट की उम्रऔर वित मंत्री का भार मिला,डूब रही नैया थी और हाथों में पतवार मिला,एक एक […]

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POLITICS/राजनीति

जनता की खुशियां ना तुम्हें पसंद है,ना ही उन्हें खुशहाल करने की मेरी कोई मंशा,तेरी मेरी हमदोनों की ख्वाहिशें एक,कैसे कुर्सी को पाऊं।बह रहे हैं रक्त अब भी,कल भी लहू ही बहेगा,पीस रहे हैं गरीब अब भी,कल भी गरीब ही तड़पेगा,कुछ नही बदला,कल में और आज में,ना ही कुछ कल बदलने वाला,तख्त वही,ताज भी वही होगा,बदल […]

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Dosti/ दोस्ती

Happy Friendship day. जितना सोचूं, जितना याद करूं,दिल उतना ही विस्तार लेता,प्रेम से लबालब,असीमित,अथाह,पाने को सानिध्य,उठती जिसमें प्रेम की ऊंची ऊंची लहरें,किस किस ने ऐसा पारावार देखा।दौलत अकूत कहींदाने दाने को मोहताज,दोस्ती की देते जिसकी सभी ही मिसाल,वो ना मैं सुदामा,ना ख्वाहिश उस श्याम की,आप मिल गए शायद कृपा है प्रभु राम की,गंगा सा निर्मल,सावन […]

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DUAYEN/दुआएं

तप तप कर धूप में संघर्षों के निखरती रही,लोग परेशान मगर हंसती रही,चलती रही शूल भरी राहों में,खुशियां मजबूर,समाती रही उसकी बाहों में,कांटों भरा सफर,बिस्तर गुलाब का,बेखबर उसके दर्द से,मगर ख्वाहिश सबकी आज वैसे ही मुस्कान का।दो अक्षरों का नाम ध्रुव,उपेक्षित,तिरिष्कृत अपनों सेमगर हीनता से परे अनवरत संघर्षरत,चमकता आसमान में,दो अक्षरों में ही सिमटी सुमा,किस किस […]

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SUKOON/सुकून

सुकून अगर दास होता महलों का,तो गरीबों का चेहरा नही चमकता,सुख गुलाम होता दौलत का,तो कभी गरीब नही हंसता,सदैव होती चिंता की लकीरें उनके चेहरे पर,मगर इनके चहरे पर ना भय,ना चिंता,ना ही गरीबी का दर्द झलकता,सिर पर झूला झूलते बच्चे,बाहों में बदहवास सोती जान,हाथों में कंगन,पैरों में पायल,वह कोई रानी से कम नहीं,ना ही […]

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BAHRUPIA/ बहरूपिया

उसे तख्त के लिए तेरा वोट चाहिए,और उसे पाने के लिएवो कुछ भी करेगा।उसे तनिक भी फिक्र नहीं तेरे जाति,धर्मया तेरी खुशहाली का,मगर वो सिर्फ तेरा है,ऐसा स्वांग रचेगा।दिखलाएगा तुझे तेरे आसपास,तेरे अपनों में ही तेरे दुश्मनों का अक्स,वो नफरत का पुनः खड़ा एक दीवार करेगा,रह जायेंगे फिर तेरे धरे के धरे तेरे ज्ञान और […]

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MAHANGAYEE/महंगाई

वो बोले तो झूठ है केवल,तुम झूठे,मक्कार नही,है निश्चित गद्दार सोमरुआ यूं ही तेरे साथ नही।वो क्या जाने महंगाई,बस जाने शोर मचाना,उसका तो एकमात्र लक्ष्य बस,तुम पर दाग लगाना,बंद झरोखे और दरवाजेउसपर लगे हुए थे ताले,फिर भी सबकुछ लूट लिए तुम,कहता कुछ भी पास नही,है निश्चित गद्दार सोमरुआ यूं ही तेरे साथ नही।वह कहता कर […]

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Politics/राजनीत

मेरे हर समस्याओं का निदान है पास तेरे,परंतु मैं समस्याएं गिनाऊँ ये तुम्हें पसंद नही,मेरे कुछ भी लिखने,बोलने,पूछने,गाने से,हिल जाता है तख्त तेरा,हम कुछ भी बोलें,लिखें, गाएं,ये तुम्हें पसंद नही।मैं मूक रहूं और भूखा मरूं,या करूं सवाल और हवालात पाऊं ?ऐसे कब तक करूं तेरे खोखले वादों का यशोगान ?टूटता समाज और गौरवान्वित तुम,अपनी स्वार्थ […]

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नए साल का पहला ख्वाब

काश! कपट छल कम हो जाते,स्वार्थ हृदय से खत्म हो जाते,छट जाते बादल नफरत के,बहते दिल से प्रेम बयार,यही आस,उम्मीद,याचना,नए साल का पहला ख्वाब।क्षणभंगुर जीवन राही अनजान सफर है,कौन यहां पल अंतिम किसका,किसे खबर है,आ पग चिंता त्याग बढ़ाना,हर पल नूतन वर्ष मनाना,हम खुश रहते,तुम मुस्काते,खुश रहता सारा संसार,यही आस,उम्मीद,याचना,नए साल का पहला ख्वाब।मानव जाति […]

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BIRTHDAY/शुभकामनाएं।

जब थे सभी साल की अंतिम विदाई में व्यस्त,तभी थी कोई धरती पर आने को व्यग्र,तब किसे पता था कि वोजो आनेवाली हैइतनी नटखट,इतनी हंसमुख,और इतनी बातूनी होगी,तब किसे पता था कि वो ऊपर से जितनी खुबूसरत,उससे कही अधिक खूबसूरतीउसके अंदुरूनी होगी,जिसके होने मात्र सेपतझड़ भी बन जायेगा बहार,जिसके होने से उपवन जैसालगने लगेगा परिवार,जिसकी […]

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PREM/प्रेम

प्रेम किसे कहते उसे नही पता,जो पर्वत की ऊंची चोटियों से पिघले हिम को,अपनी दोनो भुजाओं में समेटे,चट्टानों से चोट खाते,हर बांधो को तोड़ते,अपना मार्ग स्वयं बना,सागर में खो जाने के पूर्व स्वयं,न जाने कितने ही जीवों का आशियाना बन जाते,प्रेम किसे कहते उसे ज्ञात नही,फिर भी, बिना भेदभाव किए न जाने कितने ही जीवों का प्यास […]

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JIWAN

हैं रंग कई इस जीवन के,डूबे कुछ में कुछ छूट गए,हैं जश्न अलग हर आयु के,शामिल कुछ में कहीं चूक गए।आगे भी जश्न प्रतीक्षारत,कहे दिल शरीक हो जाऊं मैं,पर बांध कई जीवन नद में,जिससे नित ही टकराऊं मैं,टकराते तुम भी नित हर पल,सज बैठे ख्वाहिश के रथ पर,है झूठी शान,दुविधा गुरुर,बंधे जिसमें जलसों से दूर,है […]

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Shubhkamnayen/शुभकामनाएं

वो बातूनी है,बड़े दिलवाला भी,कलम का धनी,सबका दुलारा भी,सदैव हंसने,हंसाने वाला,जरूरत पर सबका साथ निभानेवाला,किसी अपरिचित को भीअपना बना लेने का हुनर उसमें,एकसूत्र में बांध रखने का निपुणता उसमें,उससे मिलते ही मिट जाते हैं गम सारे,हर्षित,गौरवान्वित हैं मिलकर उससे हम सारे,बिन फूलों के जैसे कोई बाग,वैसे ही वगैर उसके writer’s परिवार,उसे कोई shanky कहता कोई […]

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PATA NAA CHALA/पता ना चला।

ख्वाब कब अपने,अपनों के हो गए,पता ना चला।फिक्र में उन्ही के,कब जीवन ये ढल गए,पता ना चला।जीवन सफर में रहे दौड़ते हम,कदम कब रुके,पता ना चला।मालूम बुढ़ापा आना था एक दिन,बूढ़े हुए कब,पता ना चला।थी अपनों की बस्ती,बुलंदी पर जब थे,अकेला हुए कब,पता ना चला।अकेला हुए कब,पता ना चला।!!!मधुसूदन!!!

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MAUN/मौन

मौत अटल मरना है निश्चित, इससे सच्चा मीत नहीं, मगर मौत आने से पहले, इतनी चुप्पी ठीक नहीं| आ जो लम्हा शेष सफर का, हँसकर उसे गुजारे हम, मेरे यारा,मीत हमारे, जीवन सफल बना ले हम, नित्य रात फिर दिन होता है, सूर्य उदित होता छुपता है, यही सत्य है इस दुनियाँ का जीवन का […]

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MURLIDHAR/मुरलीधर

नटखट,बाल-गोपाल कहे कोई तुमको चितचोर,2बता किस नाम से तुझे पुकारूँ,तूँ देखेगा मेरी ओर।मात,पिता जहाँ कैद जेल मेंजड़ें सात थे ताले,वैरी था महिपालसजग उसके लाखों रखवाले,तेरे आते खुल गए ताले,सो गए नींद में प्रहरी सारे,अचरज ही अचरज तेरीदृष्टि होती जिस ओर,मातम मथुरा जश्न नन्द घर बाजे डमरू ढोल,बता किस नाम से तुझे पुकारूँ,तूँ देखेगा मेरी ओर।आज […]

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