Site icon Madhureo

Intejaar

है कहाँ खुशी मुझको इतनी,
जितनी है तुझे हँसाने में,
मिल जाती है जन्नत मुझको,
जानम तेरे मुश्काने में।

चढ़ पवन गति से आ जाओ,
दिल खोल के बैठा दरवाजा,
खुशबू से भर दूँ मैं राहें,
हूँ गुलशन का मैं शहजादा,
मैं फूल बनूँ बिछ जाऊंगा,
आंगन में,घर में कण-कण में,
क्या खुशीयाँ दे दूँ मैं तुमको,
क्या बोल सजा दूँ किस्मत में,
किस्मतवाला मैं बन बैठा,
जीवन में तेरे आने से,
मिल जाती है जन्नत मुझको,
हमदम तेरे मुश्काने से।

बेसब्र हमे अब सब्र नहीं,
ये वक्त नही रुक पाएगी,
कल क्या होगा किसने देखा,
कब साँस सनम रुक जाएगी,
आ होठ सजाऊँ लाली बन,
बन फूल तुम्हारे केश सजूँ,
नथिया,बिंदी,झुमका,पायल,
गर्दन का तेरे हार बनूँ,
आ नयन सजा दूँ मैं तेरी,
खुश मैं काजल बन जाने में,
मिल जाती है जन्नत मुझको,
प्रियतम तेरे मुश्काने में।

!!! मधुसूदन !!!

Exit mobile version