Kaisi Daud/कैसी दौड़ Madhusudan Singh 8 years ago दौड़ लगी जीवन में कितने आगे, देखो निकल गए, सबकुछ है अब पास मगर, सुख चैन हमारे बिखर गए, खोज रहे अब ध्यान-योग में, कहाँ गया वह शांत ह्रदय, आज भी अबूझ पहेली जीवन, सुलझे हैं या उलझ गए । !!! मधुसदन !!! Share this: Most VisitedWAQT/वक्तDecember 25, 2018In "नया साल सम्वत"Insan ki PukarAugust 27, 2017In "Hamaara Samaaj"TAPASYAFebruary 18, 2021With 10 comments