भागो जितना भाग सको तुम,
मुश्किल प्रेम को नाप सको तुम,
भागो हमसे दूर कहीं मैं अम्बर तक आ जाऊँगी,
मैं चुड़ैल सब तेरी बलाय,नोच-नोच खा जाऊँगी।
हर अस्त्रों में महाशस्त्र ये,
क्यों ना कच्चे धागे ये,
हँसी-खुशी और नोक-झोंक के,
रिस्ते सच्चे प्यारे ये,
बहना का भाई है गहना,
इस रिश्ते बिन मुश्किल रहना,
इन रिश्तों के लिए तेरे बीवी से भी टकराउंगी,
मैं चुड़ैल सब तेरी बलाय,नोच-नोच खा जाऊँगी।
आ नीचे या आऊँ ऊपर,
कबतक रह पाएगा छुपकर,
रुपये चन्द तेरे अनमोल
इसका नही कहीं है मोल,
मुझको भूल कभी मत जाना,
क्यों ना दूर कहीं भी जाना,
जा छू लो बन सफल चाँद,मैं देख देख इतराउंगी,
मैं चुड़ैल सब तेरी बलाय,नोच-नोच खा जाऊँगी,
मैं चुड़ैल सब तेरी बलाय,नोच-नोच खा जाऊँगी।
!!!मधुसूदन!!!

