जातियां पंडितों ने बनाई!तंग आ गए हैं इससे,हिंदू,ईसाई और मुसलमान भी,मिटाना चाहते हैं सभी अपनी अपनी जातियां,परंतु ब्राह्मण हैं कि उन्हें मिटाने ही नहीं देते,खड़े हैं वे सभी के दरवाजे परनंगी तलवार लेकर।ताज्जुब है,जिसके हाथों में,तोप,तलवार,सैनिक,कलम और कानून है,वो सरकार भी इनके आगे मजबूर है।
Dr. Manmohan Singh/डॉ. मनमोहन सिंह
तुम उन्हें मौन रहने वाला कहोस्टेच्यू कहो या रबर स्टांप!मर्जी तेरी,जनता के लिए अपने दल से बगावत करनई सरकार बना ले,ऐसे हुनर उन्हें हासिल नहीं थे,वे मौन थे भीष्म पितामह की तरह,मगर मत कहना कि वे काबिल नहीं थे,रिटायरमेंट की उम्रऔर वित मंत्री का भार मिला,डूब रही नैया थी और हाथों में पतवार मिला,एक एक […]
POLITICS/राजनीति
जनता की खुशियां ना तुम्हें पसंद है,ना ही उन्हें खुशहाल करने की मेरी कोई मंशा,तेरी मेरी हमदोनों की ख्वाहिशें एक,कैसे कुर्सी को पाऊं।बह रहे हैं रक्त अब भी,कल भी लहू ही बहेगा,पीस रहे हैं गरीब अब भी,कल भी गरीब ही तड़पेगा,कुछ नही बदला,कल में और आज में,ना ही कुछ कल बदलने वाला,तख्त वही,ताज भी वही होगा,बदल […]
Dosti/ दोस्ती
Happy Friendship day. जितना सोचूं, जितना याद करूं,दिल उतना ही विस्तार लेता,प्रेम से लबालब,असीमित,अथाह,पाने को सानिध्य,उठती जिसमें प्रेम की ऊंची ऊंची लहरें,किस किस ने ऐसा पारावार देखा।दौलत अकूत कहींदाने दाने को मोहताज,दोस्ती की देते जिसकी सभी ही मिसाल,वो ना मैं सुदामा,ना ख्वाहिश उस श्याम की,आप मिल गए शायद कृपा है प्रभु राम की,गंगा सा निर्मल,सावन […]
DUAYEN/दुआएं
तप तप कर धूप में संघर्षों के निखरती रही,लोग परेशान मगर हंसती रही,चलती रही शूल भरी राहों में,खुशियां मजबूर,समाती रही उसकी बाहों में,कांटों भरा सफर,बिस्तर गुलाब का,बेखबर उसके दर्द से,मगर ख्वाहिश सबकी आज वैसे ही मुस्कान का।दो अक्षरों का नाम ध्रुव,उपेक्षित,तिरिष्कृत अपनों सेमगर हीनता से परे अनवरत संघर्षरत,चमकता आसमान में,दो अक्षरों में ही सिमटी सुमा,किस किस […]
SUKOON/सुकून
सुकून अगर दास होता महलों का,तो गरीबों का चेहरा नही चमकता,सुख गुलाम होता दौलत का,तो कभी गरीब नही हंसता,सदैव होती चिंता की लकीरें उनके चेहरे पर,मगर इनके चहरे पर ना भय,ना चिंता,ना ही गरीबी का दर्द झलकता,सिर पर झूला झूलते बच्चे,बाहों में बदहवास सोती जान,हाथों में कंगन,पैरों में पायल,वह कोई रानी से कम नहीं,ना ही […]
BAHRUPIA/ बहरूपिया
उसे तख्त के लिए तेरा वोट चाहिए,और उसे पाने के लिएवो कुछ भी करेगा।उसे तनिक भी फिक्र नहीं तेरे जाति,धर्मया तेरी खुशहाली का,मगर वो सिर्फ तेरा है,ऐसा स्वांग रचेगा।दिखलाएगा तुझे तेरे आसपास,तेरे अपनों में ही तेरे दुश्मनों का अक्स,वो नफरत का पुनः खड़ा एक दीवार करेगा,रह जायेंगे फिर तेरे धरे के धरे तेरे ज्ञान और […]
नए साल का पहला ख्वाब
काश! कपट छल कम हो जाते,स्वार्थ हृदय से खत्म हो जाते,छट जाते बादल नफरत के,बहते दिल से प्रेम बयार,यही आस,उम्मीद,याचना,नए साल का पहला ख्वाब।क्षणभंगुर जीवन राही अनजान सफर है,कौन यहां पल अंतिम किसका,किसे खबर है,आ पग चिंता त्याग बढ़ाना,हर पल नूतन वर्ष मनाना,हम खुश रहते,तुम मुस्काते,खुश रहता सारा संसार,यही आस,उम्मीद,याचना,नए साल का पहला ख्वाब।मानव जाति […]
BIRTHDAY/शुभकामनाएं।
जब थे सभी साल की अंतिम विदाई में व्यस्त,तभी थी कोई धरती पर आने को व्यग्र,तब किसे पता था कि वोजो आनेवाली हैइतनी नटखट,इतनी हंसमुख,और इतनी बातूनी होगी,तब किसे पता था कि वो ऊपर से जितनी खुबूसरत,उससे कही अधिक खूबसूरतीउसके अंदुरूनी होगी,जिसके होने मात्र सेपतझड़ भी बन जायेगा बहार,जिसके होने से उपवन जैसालगने लगेगा परिवार,जिसकी […]
JIWAN
हैं रंग कई इस जीवन के,डूबे कुछ में कुछ छूट गए,हैं जश्न अलग हर आयु के,शामिल कुछ में कहीं चूक गए।आगे भी जश्न प्रतीक्षारत,कहे दिल शरीक हो जाऊं मैं,पर बांध कई जीवन नद में,जिससे नित ही टकराऊं मैं,टकराते तुम भी नित हर पल,सज बैठे ख्वाहिश के रथ पर,है झूठी शान,दुविधा गुरुर,बंधे जिसमें जलसों से दूर,है […]
PATA NAA CHALA/पता ना चला।
ख्वाब कब अपने,अपनों के हो गए,पता ना चला।फिक्र में उन्ही के,कब जीवन ये ढल गए,पता ना चला।जीवन सफर में रहे दौड़ते हम,कदम कब रुके,पता ना चला।मालूम बुढ़ापा आना था एक दिन,बूढ़े हुए कब,पता ना चला।थी अपनों की बस्ती,बुलंदी पर जब थे,अकेला हुए कब,पता ना चला।अकेला हुए कब,पता ना चला।!!!मधुसूदन!!!
MAUN/मौन
मौत अटल मरना है निश्चित, इससे सच्चा मीत नहीं, मगर मौत आने से पहले, इतनी चुप्पी ठीक नहीं| आ जो लम्हा शेष सफर का, हँसकर उसे गुजारे हम, मेरे यारा,मीत हमारे, जीवन सफल बना ले हम, नित्य रात फिर दिन होता है, सूर्य उदित होता छुपता है, यही सत्य है इस दुनियाँ का जीवन का […]
MURLIDHAR/मुरलीधर
नटखट,बाल-गोपाल कहे कोई तुमको चितचोर,2बता किस नाम से तुझे पुकारूँ,तूँ देखेगा मेरी ओर।मात,पिता जहाँ कैद जेल मेंजड़ें सात थे ताले,वैरी था महिपालसजग उसके लाखों रखवाले,तेरे आते खुल गए ताले,सो गए नींद में प्रहरी सारे,अचरज ही अचरज तेरीदृष्टि होती जिस ओर,मातम मथुरा जश्न नन्द घर बाजे डमरू ढोल,बता किस नाम से तुझे पुकारूँ,तूँ देखेगा मेरी ओर।आज […]
KANHA/कान्हा
मैं मानव हूँ क्षुद्र जनम से,ज्ञानेश्वर दो ज्ञान की शक्ति,हूँ पापी मैं सच जितना उतनी ही सच्ची मेरी भक्ति।ईर्ष्या,द्वेष,कपट,छल मुझमें,प्रेम सरोवर भर दो तुममैं कान्हा दुर्योधन जैसा,अर्जुन मुझको कर दो तुम,मैं हूँ क्षुद्र,नीच,पापी जन,सब माया तेरी यदुनन्दन,हे कृष्ण,हरि,कमलनाथ दे,इस माया से हमें विरक्ति,हूँ पापी मैं सच जितना उतनी ही सच्ची मेरी भक्ति।तेरा ही सब मैं […]
“Every successful women”
महाभारत का युद्ध आसान था शायद,आसान था कल,मर्यादित रावण सेटकरा जाना,परन्तु आसान नही यहाँ नारियों का,ख्वाहिशों के पंख लगा अम्बर को छू पाना,जहाँ अब भी निराशाओं के बादलजलजला बन डूबाने को आतुरख्वाबों की नैया,जहाँ अपनों के ताने,दावानल बन झुलसाने को ततपरअरमानों की मड़ैया,जहाँ समाज का लोक-लाज,बन चट्टान ततपर रोकने को राह,जहाँ भीतर अपनों का अवरोध,बाहर […]
PREM BHAYEE BAHAN KA/प्रेम भाई बहन का।
भागो जितना भाग सको तुम,मुश्किल प्रेम को नाप सको तुम,भागो हमसे दूर कहीं मैं अम्बर तक आ जाऊँगी,मैं चुड़ैल सब तेरी बलाय,नोच-नोच खा जाऊँगी।हर अस्त्रों में महाशस्त्र ये,क्यों ना कच्चे धागे ये,हँसी-खुशी और नोक-झोंक के,रिस्ते सच्चे प्यारे ये,बहना का भाई है गहना,इस रिश्ते बिन मुश्किल रहना,इन रिश्तों के लिए तेरे बीवी से भी टकराउंगी,मैं चुड़ैल […]
Khwahish/ख्वाहिश
हमारे एक प्रिय ब्लॉगर Padmaja ramesh जी की रचना से प्रभावित होकर लिखी गई रचना– विस्मृत ना होती यादें और पल गुजरे वापस आ आते,काश कि हम बच्चे बन जाते,काश कि हम बच्चे बन जाते।है ख्वाहिश फिर से पढ़ने की,यारों संग मस्ती करने की,था नही बदलना कुछ विशेष,करते जो छूट गया है शेष,नाना,नानी का सत्य […]
Ummid/उम्मीद
मैं जैसे मरुस्थल में भटकता पथिक,भूख और प्यास से व्यथित,सूर्य का प्रचण्ड ताप,जहाँ ना कोई झुरमुट,ना कोई गाछ,जिस्म बेजान,निकलने को आतुर प्राण,टूटे दिल,टूटे सभी ख्वाब बीच,धोखे,झूठ,फरेब भरी दुनियाँ से टूटे विश्वास बीचबंधे जीवन की आसजब पड़े मेरे काँधे पर तुम्हारा हाथ,जब पड़े मेरे काँधे पर तुम्हारा हाथ।कभी दया,करुणा,प्रेम से भरे,अभी दर्द का सैलाब हूँ,कुछ भी […]
वक्त बदलता है।
धीरे-धीरे मौसम बदलता,धीरे-धीरे लोग,कुछ भी यहाँ स्थिर नही,फिर किस बात का शोक।माना कल जो आज नही,जो आज रूबरू कल ना होगा,माना है तम आज चतुष्कोण,निश्चित तिमिर ये कल ना होगा,होगा फिर जयगान यहाँ पर,तेरा फिर गुणगान यहाँ पर,होगा निश्चित उदित भानु,दीप्ति होगी चहुँओर,कुछ भी यहाँ स्थिर नही,फिर किस बात का शोक।सूर्य भी उगता नित डूब […]
JINDGI KE JAAL MAIN /जिंदगी के जाल में।
जिंदगी के जाल में,जिंदगी के जाल में,खुद लिखेंगे भाग्य जब भी होंगे विकटकाल में,जिंदगी के जाल में।ये जिंदगी है एक सफर,क्या पता कहाँ बसर,ये चलते चले पग निडर,ना पूछ चल पड़े किधर,कहीं सुगम डगर कहीं,मुशीबतों के तुंग थे,कभी भँवर के बीच कभी,जश्न के समुद्र थे,मैंने कई बार गिरा,गिरकर उठना है सीखा,वो बना यहाँ महान,उसकी होती […]
