Katha Bhakt Prahlad ki
Image Credit : Google. है राह कठिन पर सत्य प्रबल,पर्वत भी शीश झुकाता है, इंसान चला गर सत्य के पथ,रब बेबस चलकर आता है। ब्रम्हा से वर को प्राप्त किया, एक राजा नाम हिरणकश्यपु जनता के बीच उद्घोष किया, खुद को ही मान लिया स्वयंभू, जन-जन उसको भगवान कहे, आह्लादित वह शैतान हुआ, था झूठ […]
