SHADYANTRA/षड्यंत्र

मत कहना कालनेमी उसे,
माना भेष बदलने में माहिर है वो।
वो कर रहा है वही जो उसके दिल में था,
मगर मत कहना कभी कि शातिर है वो।
ऊँच,नीच,भेद,भाव से ग्रसित,
धूर्त,नफरती, स्वार्थी,
लोभी सब हम हैं,
हमने ही रखा है गर्दन,
उसके तलवार पर,
करके भरोसा,
वो चौकीदार!
महान है,भगवान है,
बह जाने दो अगर बहता है रक्त,
मगर मत कहना कभी कि कातिल है वो,
मगर मत कहना कभी कि जाबिर है वो।

!!!Madhusudan!!!

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