Nothing Without Nation
Image Credit : Google हैं कोमल-नाजुक पत्ते हम, हमसे खूबसूरती डाल की, गर टूट गए डाली से हम,फिर कीमत क्या है जान की। हम नाजुक हैं कमजोर नहीं, टकरा जाते तूफानों से, बेशक टकराकर तन अपना, रक्त-रंजित भी हो जाते हैं, आती है घोर बिपत्ति जब भी, हम पर, तरु या डाली पर, एक दूजे […]
