Prem hi Jivan
Image credit : Google बस हम हों तुम हो साथ सनम, जीवन में फिर किस बात का गम, बन सरिता तूँ बरसात बनूँ, बांधों को तोड़ के पार चलूँ, अवरोध नहीं जिस दुनियाँ में, उस जलधि का प्रवाह बनूँ, आ लहर बनों मैं धार सनम, चल दुनियाँ के उस पार सनम, जब होंगे हम-तुम साथ […]
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