Sandesh Phulon ka

Image Credit :Google तुम भी खिलो,हम भी खिलेंगे, खुशबू अलग फिर भी, हम संग हँसेंगे, लड़ना है काम इंसान का, हम खुशबू भरेंगे। चम्पा चमेली,कुमुद,गुलबहार, काँटों की सेज पर हँसता गुलाब, रोना तो काम इंसान का, हम खुशबू भरेंगे, सदियों से तूँ लड़ रहा नासमझ, सृष्टि को ऐ मानव तूँ समझ, जीवन सभी को हँसाने […]

Posted in Jiwan DarpanTagged 49 Comments on Sandesh Phulon ka