KALAM/कलम

जो लब से ना हम बोल सके,पैगाम उन्हें पहुँचा दो ना,ऐ कलम मेरी जज्बातों को,इन पन्नों पर बरसा दो ना।लिख दो धड़कन क्या कहती है,आँखें क्यों ब्याकुल रहती है,लब पर है किनके नाम मेरे,लिख दो सारे पैगाम मेरे,लिख नशा नही है लाखों में,जो नशा है उनकी बातों में,उन बातों में हम डूब गए,लिख दो खुद […]

Posted in Hindi PoemTagged 31 Comments on KALAM/कलम