KEWAL SIYASAT/केवल सियासत

जहाँ भी देखा वहीँ सियासत,तख्त,ताज में उलझे शासक,इनका कब ईश्वर से नाता,इनको सिर्फ सियासत भाता,मजहब-मजहब से लड़वाते,जाति-जाति में भेद कराते,कोई रंग हरा लहराता,कोई केसरिया दिखलाता,सबको केवल अस्त्र समझते,हम रोते जब, तब ये हँसते,इनके कब थे नेक इरादे,हम तो थे पहले से प्यादे,ढोंग है अल्लाह,ईश इबादत,इनका केवल धर्म सियासत|!!! मधुसूदन !!!

Posted in Uncategorized15 Comments on KEWAL SIYASAT/केवल सियासत

BULLDOZER/बुलडोजर

किसी का आलीशान मकान,किसी का चमकता दुकान, किसी का अम्बर ही छत,किसी का फुटपाथ ही सब, जो देता दो वक्त की रोटी,जो करता जुगाड़, बिटिया की शादी का,पढ़ाई का,दवाई का, जहाँ खो गया जीवन जिसका होकर, वो फुटपाथ रह गया आज,सिर्फ सियासत का ग्रास होकर, जिधर देखो उधर सिर्फ चलते बुलडोजर। देश कर रहा तरक्की, […]

Posted in UncategorizedTagged , , 9 Comments on BULLDOZER/बुलडोजर