Dosti/ दोस्ती

Happy Friendship day. जितना सोचूं, जितना याद करूं,दिल उतना ही विस्तार लेता,प्रेम से लबालब,असीमित,अथाह,पाने को सानिध्य,उठती जिसमें प्रेम की ऊंची ऊंची लहरें,किस किस ने ऐसा पारावार देखा।दौलत अकूत कहींदाने दाने को मोहताज,दोस्ती की देते जिसकी सभी ही मिसाल,वो ना मैं सुदामा,ना ख्वाहिश उस श्याम की,आप मिल गए शायद कृपा है प्रभु राम की,गंगा सा निर्मल,सावन […]

Posted in Dharm-Parampra, Hindi PoemTagged 11 Comments on Dosti/ दोस्ती