BETIYAAN/बेटियाँ
बाबुल की प्यारी,माँ की दुलारी,भैया की जान,बहन की जो आली,
आली वो दामन छुड़ाने चली,नैहर से अब दूर जाने लगी।
फूलों सी कोमल,खुशबू भरी थी,
बाबुल के आंगन की जो कली थी,
गुल वो कहीं घर बसाने चली,नैहर से अब दूर जाने लगी।
कुछ पल हुए जो जिद पर अड़ी थी,
सजने,संवरने की जिसको पड़ी थी,
खुश थी अचानक हँसी खो गई क्यों,
अश्कों की दरिया नयन भर गई क्यों,
हुई मौन दुविधा में जैसे पड़ी,नैहर से अब दूर जाने लगी।
सच है कि नैहर से जाती है बिटिया,
ससुराल को घर बनाती है बिटिया,
मगर है बसी जिस जगह बचपना उस
नैहर को कब भूल पाती है बिटिया,
कैसी घड़ी भीड़ अपनों का मेला,
फिर भी अकेली थी कैसी ये बेला,
भाई गरजता,जशन में उदासी,
माई तड़पती है फटती है छाती,
कोई कड़कपन को खोने लगा है,
बेटी का गम बाप रोने लगा है,
रोती फफक खुद,रुलाने लगी,
नैहर से अब दूर जाने लगी,नैहर से अब दूर जाने लगी।
!!!मधुसूदन!!!



Bahut khoob. Betiyan hoti hi hain maa baap ki jaan.
Bahut sunder srijan.
💖💖
🙏
बहुत बढ़िया ।।।
सच में बेटियां तो हर रूप में परिवार की जान होती हैं।।।
बिल्कुल।
घर खाली खाली लगता है उसके जाने के बाद में।
Bahut hi marmik panktiyan… Beautiful creation indeed… 👏👍💯
बहुत बहुत धन्यवाद आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।
very nice!
Thank you very much for your valuable comments.
🙏😊एक औरत को निशब्द कर देने वाली परिस्थिति ।
Maine mardon ko bhi rote dekhaa ……..haan apni ankhon men bhi aansun ….magar us ladaki ki dashaa saayad aap jyaadaa samajh sakte hain ……..Naari jo thahre.
Ji bilkul 😊🙏
दीदी की विदाई याद आ गई 😭😭😍😍😍✌✌
बेटी के जाने पर घर ने,जाने क्या क्या खोया है।।
कभी न रोने वाला बाप,फूट फूट कर रोया है…
शानदार लेखन 👌👍
प्रणाम दा
बेटी के जाने पर घर ने,जाने क्या क्या खोया है।।
कभी न रोने वाला बाप,फूट फूट कर रोया है…
Bahut hi umda panktiyan kahi apne ……….vidaayee kaa samay chand pal pahle muskaan chand palon men maatam ……..waqayee hriday ptthar kaa bhi ho to bhi pighal jaaye.
मार्मिक भाई साहब,,, बेटियां को
नैहर छोड़ना,, बहुत ही,, मार्मिकता का दृश्य होता है,,बहती है,, आंसुओं की धारा,,,हर आंखें रोती है,, बेहतरीन लेखनी 👌👌👌
Bahut dhanyawad bhayee sahab……..jitnaa bhi likhaa jaaye us pal ko kam hi hoga.
सच में स्त्रियों का त्याग मापा नहीं जा सकता…
Waqayee ……..phir bhi upekshit hain nariyan…….dukh hota hai.
Right