DIRTY POLITICS/मैली राजनीत

Image Credit : Google

देख रहा है देश हमारा,राजनीत का मैला खेल,

गिरगिट,चीते,साँढ़,लोमड़ी,भ्रष्ट,पतित,सच्चे का मेल।

जब भी क्षण मतदान के आते,

लोक लुभावन नारे लाते,

एक दूजे को चोर बताकर,

आपस में वे हमें लड़ाते,

हम लड़ते वे जश्न मनाते,

मिलजुल एक ही थाल में खाते,

कहने को बस धुर विरोधी,

मतलब से सब घुलमिल जाते,

उजले कपड़े,काली सोच,

स्याह कोठरी के सब चोर,

एक अदद कुर्सी की खातिर,

बाप को अपने देते छोड़,

यहाँ ना कोई रिस्ते,नाते,

यहाँ ना कोई त्याग दिखाते,

यहाँ न कोई अपना वैरी,यहाँ नही भाई का प्रेम,

देख रहा है देश हमारा,राजनीत का मैला खेल,

देख रहा है देश हमारा,राजनीत का मैला खेल।

!!!Madhusudan!!!

#राजनीति
#politics

37 Comments

  • सटीक…!👌🏻👌🏻👌🏻

    महाराष्ट्र क्या, पूरे देश की राजनीति की यहीं दशा है सर.. !!!

    सिद्धांतहीन समाज में सिद्धांतों की ना बात रखो।
    राजनीति औ राष्ट्रनीति में परे तुम जज़्बात रखो॥

    🙏🏻

    • क्या बात कही आपने। उम्दा।
      सुक्रिया आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।

  • लोकतंत्र में नैतिकता की दुहाई कैसे जब वोटर ही नैतिकता खो चुका है जनप्रतिनिधियों द्वारा तय सीमा से कही अधिक खर्च पहले ही भ्रष्ट बना देता है कोई सेवा करने नहीं आता है नाम और पैसे के लिए आता है। नीति ,नैतिकता,सुचिता के राजतंत्र हो सकता है। लोकतंत्र की परिकल्पना 2040 लोगों के प्रत्यक्ष शासन के लिए की गई थी। 137 करोड़ के लिए नहीं

    • आपकी बाते अपनी जगह बिल्कुल सही है।
      सुक्रिया आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।

  • राजनीति है भाई साहब,,
    यहां भावनाओं का स्थान नही
    विजय पराजय की माया है
    जिसके हाथ में बल हो
    भैंस वही भगा ले आया है,,
    आपकी लेखनी उच्च स्तरीय है,,
    हम ठहरे भावनाओं को समाज से अवगत कराने वाले,,, हमारी समझ और ज्ञान तुच्छ है,, ये राजनीति के खिलाड़ी हैं,,साम दाम दण्ड भेद,,
    जिसके शस्त्र है,,

    • बेहतरीन पंक्तियाँ। अच्छा लगा पढ़कर।
      सुक्रिया आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।

  • राजनीतिक दृष्टि से ऐसा कुछ भी उचित नहीं, जो नैतिक दृष्टि से अनुचित हो।

    shaandar kavita da …bahut dino baad padhne ko mili apki kavita .. 🙂

    • बिल्कुल सही। एक माह से बीमार था भाई।
      धन्यवाद आपका सराहने के लिए।

  • वैसे भी राजनीति में नैतिकता का कोई मतलब नहीं रह गया है। बहुत सुंदर लेख।

    • सही कहा।
      धन्यवाद आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।

  • महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति की व्याख्या करती ,उत्तम रचना !
    संबंधों की लांघ है
    ये चित्र बेमिसाल है
    पापा चाचा कोई नहीं
    कुर्सी का ये कमाल है !

Your Feedback