Pukaar 

हूँ अबला,गरीब मैं,लोग मुझे सताते है, मेरे धर्मवाले मुझे बार-बार रुलाते हैं || मन में बिस्वास और उम्मीद लेकर आयी हूँ, थककर उस संसार से, तेरे दर पे आयी हूँ, आजा आके मुझको अपने गले से लगा लो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो |1| […]

Posted in UncategorizedTagged 18 Comments on Pukaar