Tadap

समझ में ना आता ये तेरी खुदाई, ये कैसा मिलन है ये कैसी जुदाई, मिलते हैं लोग क्यों निशान छोड़ जाते है, तड़पने को सारा जहान छोड़ जाते हैं | तड़पने को सारा जहान छोड़ जाते हैं || पलभर बिछड़कर मुश्किल था जीना, जीवन का ये डोर किसने है छीना, कैसे वे बीच मजधार छोड़ […]

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