Quote..25
एक समय था जब, मुश्कुराने पर भी, गम जान जाते थे, सूखे होठ भी, गुलाब बन जाते थे, तपती धरा सी, प्यासी थी जिंदगी, सावन के जैसे, फुहार बन आते थे, खता क्या हुई रब, कहाँ खो गए अब, झूठा ही सही हम, मुश्कुरा भी नहीं पाते है।। !!!मधुसदन!!! ek samay tha jab, mushkuraane par […]
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