Kaisi Shreshthata/कैसी श्रेष्ठता
Image Credit :Google सब जीवों में श्रेष्ठ रे मानव, बन बैठे हो तुम क्यों दानव, होश में आ वरना नभ से अँगारे बरसेंगे, वो दिन दूर नही जब जल बिन हमसब तड़पेंगे, वो दिन दूर नही जब जल बिन हमसब तड़पेंगे। धरती पर आँधी सी बढ़ती,जनसंख्या का बोझ, सारे जीवनरक्षक पौधे,तिल-तिल कटते रोज, जल,नभ,भू के […]
