DAHSHAT KAISI JANGAL MEN..?

हिरण के संग शेर चला है, चीते के संग भेड़ चला है, चले संग कीटों के गिरगिट दहशत कैसी जंगल में। चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल में। जंगल का कानून अचंभित, बना बाघ भी कैसे पंडित, नेवले के संग विषधर कैसे संग चले हैं जंगल में, चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल […]

Posted in Politics, UncategorizedTagged 45 Comments on DAHSHAT KAISI JANGAL MEN..?