ALLHADPAN/अल्हड़पन
Image Credit : Google हलहड़ हूँ नादान मत कहना, सही-गलत से अनजान मत समझना, एक दिन हम भी स्थिर होंगे, जलाशय की तरह, अभी वक्त है,झरनों सा बहने दे, अल्हड़ हूँ,नादानियाँ करने दे। जीवन क्षणभंगुर,कल रहे ना रहे, आँखों में सपने कल सजे ना सजे, अभी ख्वाहिशें अनंत सजे हैं, पाँवों में पंख लगे हैं, […]
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