BETIYAAN/बेटियाँ
बाबुल की प्यारी,माँ की दुलारी,भैया की जान,बहन की जो आली,आली वो दामन छुड़ाने चली,नैहर से अब दूर जाने लगी।फूलों सी कोमल,खुशबू भरी थी,बाबुल के आंगन की जो कली थी,गुल वो कहीं घर बसाने चली,नैहर से अब दूर जाने लगी।कुछ पल हुए जो जिद पर अड़ी थी,सजने,संवरने की जिसको पड़ी थी,खुश थी अचानक हँसी खो गई […]
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