MAA KI YAADEN/माँ की यादें
खोया बाबुल का घर-आँगन,खोया भाई का वो शासन,खोया तेरा लाड़-दुलार,बहुत याद आती है,माँ याद आती है।माँ जब भी हम रूठ गए तुम आकर हमें मनाती थी,बड़े प्यार से अपने हाँथों से माँ हमें खिलाती थी,खेल-कूदकर धूल-धूसरित आते,दौड़ी गले लगाती माँ,गोद तुम्हारे सिर रख अपना मैं अबोध सो जाती माँ,थपकी वाली तेरी प्यार,लाखों चुम्बन की बौछार,थप्पड़ […]
