Vikas ya Vinash/विकास या विनाश

विकास रुक गई या विनाश,मुद्दतों बाद आसमान साफ,वृक्ष धूल मुक्त,शांत वातावरण,शोर मुक्त बयार,चिड़ियों के झुंड उन्मुक्त उड़ते,मनमर्जी सड़कों पर टहलते,ऐसी शांति को देखजंगली जीव भी हरकत में आए,जंगलों को छोड़ कुछ जीव मानो दूत बन,हमारा हाल देखने शहर को आए,मगर हमारा दुर्भाग्य देखो,चेहरों पर नकाब,अपनों के पास बैठना तो दूर,खुद का चेहरा छूना भी मुहाल […]

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CORONA/कोरोना

घर में आग लगी,बाहर कोरोना खड़ी,बेबस घर का मुखिया,व्याकुल जन अपार,हाय!इस वक़्त भी राजनीति!जब मची है चीख,पुकार।संकट की घड़ी में नियम नही चलते,हर कदम पन्नो को देख नही बढ़ते,संयमित रहना फर्ज बन जाता है,पिता खाली हाथ लौटे काम से,बेटा भूखे सो जाता है,सो जाती है पत्नी भूखी,कोई आरोप नही लगाती,जिस्म होता स्थिर मगर आंखों मेंनींद […]

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MERI MAA/मेरी माँ

दूर चाँद को हमें दिखाती,उनको मामा हमें बताती,गोद बिठाकर बड़े प्यार से बहलाती थी मोरी माँ,भरी कटोरी दूध-भात की याद अभी भी लोरी माँ।याद हमें जब रूठ गया मैं,कैसे हमें मनाई थी,चाँद हमें जब नजर ना आए,कैसी कथा बनाई थी,मैं तुम में तब डूब गया था,चाँद को उस पल भूल गया था,भूल गया जिद याद […]

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TAHKHAANAA/तहख़ाना

जब भी हम उनसे मिलते थे,नित्य नए परतें खुलते थे,उन परतों में उलझ गए दिल जिसका हुआ दीवाना था,समझ सके ना उनको,उनका दिल कोई तहख़ाना था।झील सी गहरी आँखें,जितना देखूँ डूबता जाऊँ,केश घने जैसे घन में अमीकरवैसे खो जाऊँ,मदहोशी क्या मैं बतलाऊँ,पाँव जमीं पर मैं ना पाऊँ,हूर परी,तिल होठों पर, कातिल उनका मुस्काना था,समझ सके […]

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Bewfa Mat Kahna/बेवफा मत कहना

दुनियाँ की भीड़ में अल्हड़ थे,नादान थे,आसपास के लोग नादानियों से परेशान थे,उस अल्हड़ को पास बुलाया उसने,जिस खुशी से अनजान थे वो प्यार सिखाया उसने,हम सीखते रहे,वे सिखाते रहे,वे हंसते,हम मुस्कुराते रहे,उनका सानिध्य ऐसा,पतझड़ पर मधुमास जैसा,जेठ की दुपहरी जैसे चाँदनी,उनकी खिलखिलाहट जैसे रागिनी,प्रेम का उबाल था उनपर लुटाते रहे,धरती की प्यास,बन सावन मिटाते […]

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INTEJAAR/इंतजार

बहुत खूब दिल का लगाना तेरा, करीब आ के यूँ भूल जाना तेरा| हमें याद सब जो कही तूने बातें, कमल पंखुड़ी में भ्रमर की वो रातें, वो बातें बनाना,वो हाँथे घुमाना, बिना बात के यूँ तेरा मुस्कुराना, हमें याद अब भी वो आना तेरा, बिना बात के रूठ जाना तेरा। वो सूरत हमें याद […]

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HOLI AAYEE/होली आई

रंगों का त्योहार आया,रंगों का त्योहार जी,अलग अलग रंगों में देखो डूब गया संसार जी।रंग कई हर एक का मनकुछ अलग ही सपने बोये से,कोई है चुपचाप झरोखे पर यादों में खोए से,किसी की भरी हुई पिचकारी,किसी की गालों पर है लाली,रंग न जाने जाति-मजहब,नफरत की दीवार जी,अलग अलग रंगों में देखो डूब गया संसार […]

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Nafrat Ke Saudagar

नाम खुदा का रटते देखा,अल्लाह,ईश्वर जपते देखा,रटता जो गीता,कुरान उसको भी जहर उगलते देखा,हृदयहीन दानव था मस्जिद से मैं उसे निकलते देखा,हृदयहीन दानव था मंदिर की सीढ़ियों को चढ़ते देखा।कहते सब मंदिर रब बसते,मस्जिद सबसे पाक जगह है,अल्लाह,ईश्वर भजनेवालों का ये कैसा आज कहर है,हिन्दू-मुस्लिम हँसते देखा,इंसानों को मरते देखा,हृदयहीन दानव था मंदिर की सीढ़ियों […]

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MAHADEV/महादेव

सब दुखों को हरनेवाला,हमें सुला खुद जगनेवाला,महाकाल शिवदानी भोला,पता नहीं कब सोता होगा,मगर हमें ये ज्ञात हमारे रोने पर वो रोता होगा|सृष्टि का जो नियम,नियम के आगे वो मजबूर,चाहत हमें हँसाने की,कैसे तोड़े दस्तूर,देख मौन त्रिपुरान्तक,दानव बन बैठे हैं क्रूर,काल बदलते देर नही,महाकाल नही मजबूर,जीवन शिव,जीव,शव भी शिव है,दीपक का घृत,लौ भी शिव है,शिव ही […]

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KAISI NAFRAT/कैसी नफरत?

जितना हक इस जग पर मेरा उतना ही हक तेरा जी,फिर क्यों चमन उजाड़े तूने किस नफरत ने घेरा जी।अनशन,धरना,मांग,आंदोलन सब सरकार से तेरा जी,फिर क्यों बाग उजाड़े मेरे, किस नफरत ने घेरा जी। ये वर्षों की थी नफरत,थी पलभर की जज्बात नही, चुन-चुन पत्थर बरस रहे थे तुम इससे अनजान नही, बहकावे की बात […]

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JIMEWAR KAUN?/जिम्मेवार कौन

मुद्दतों बाद घर में रौशनी थी आई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।आए थे गाँव छोड़ ख्वाब लिए शहर में,बेच खलिहान घर बनाए इस शहर में,राख हुए अरमां,आग किसने लगाई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।पत्थर ही पत्थर बिखरे हैं राह में,गुमशुम,उदास संग दिखते हैं राह में,दिल बेरहम रक्त किसने बहाई,बुझ गए दीपक हवा किसने चलाई।बस्ती इंसान […]

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