ANJAANA/अनजाना!

मुझसे भी मेरे दिल का खास,हुआ है कोई।
मौसम संग बदले सारे ख्वाब,
दुआ है कोई।
आते वे पास,हम ना होते इस जहान में,
एक साथ चाँद कई दिखते आसमान में,
उनकी अदाएं,बातें,आँखें,मुस्कुराहटें,
अस्त्र विचित्र,ध्वस्त गुरुर की इमारतें,
खुले बज्र जैसे दिल के किवाड़,
खुदा है कोई?
मौसम संग बदले सारे ख्वाब,
दुआ है कोई।
कैसी ये रुत कैसी आई ये उमरिया,
खुद से भी प्यारी लगे उनकी डगरिया,
रातों को नींद नही,चैन नही दिन में,
भूल बैठे भूख-प्यास,लाश उनके बिन मैं,
किसको सुनाऊँ दिले हाल,
अधमुआ है कोई,
मौसम संग बदले सारे ख्वाब,
दुआ है कोई।
उनका सानिध्य,लिए जाए इस भुवन से,
सुध-बुध गँवाए सारे एक ही छुवन से,
पलकें झुकी,हदों के बाँध चरमरा गए,
आए वे पास मानो जलजला सा आ गए,
खुद पर नही है इख्तियार,
मद हुआ है कोई,
मौसम संग बदले सारे ख्वाब,
दुआ है कोई।
उड़ते हैं धूल जैसे पहली बरसात में,
उड़ने लगे हैं हम भी वैसे उनके साथ में,
मिले वे जिंदगी बहार जैसे आ गए,
जेठ की मही मैं,वे आषाढ़ जैसे छा गए,
दो जिस्म जैसे एक जान,
हुआ है कोई,
मौसम संग बदले सारे ख्वाब,
दुआ है कोई।
!!!मधुसूदन!!!


Lajawaab…
Sarahne ke liye bahut bahut dhanyawad.
बेहद खूबसूरत रचना👌
सराहने के लिए धन्यवाद।
बहुत ही सुन्दर पंक्तियां
धन्यवाद आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।
A poem filled with love👌👌🎆🌻😊
धन्यवाद आपका।
बहुत ही खूबसूरत रचना 👌 🙏
धन्यवाद आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।
जिसके लिए भी लिखा है यह. बहुत सुंदर लिखा है. सुंदर अभिव्यक्ति है.
किसी न किसी पर फिट जरूर बैठेगी। ऐसा मानना है मेरा भी।धन्यवाद आपका पसन्द करने और सराहने के लिए।
👌👌👌👍💐👏👏👏👏👏
🙏🙏🙏
Behatareen rachna.
Sahriday dhanyawad.🙏
सुंदर और मार्मिक सृजन 👌
धन्यवाद आपका सराहने के लिए।
बहुत बढ़िया है daddu …अपनी गर्लफ्रैंड के लिए लिखे हो न 😁❤😊🌼
सुंदर कविता
बात करनी है ,बात कौन करे ?
दर्द से दो-दो हाथ कौन करे ?
हम सितारे तुम्हें बुलाते हैं
चाँद ना हो तो रात कौन करे ?
हम तुझे रब कहें या बुत समझें
इश्क में जात-पात कौन करे ?
जिंदगी भर कि कमाई तुम थे
इस से ज्यादा ज़कात कौन करे ….?
~कुमार विश्वास
अरे नही भाई।
घर बैठे,
कुछ तो करना है,
क्या हुआ डॉक्टर बनने से चंद कदम दूर,
एक मंजिल का सफर और भी तय करना है।
ये आपके लिए है।😁
❤❤❤❤😘 love u da