YUG-PURUSH ‘ATAL’
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“इस भूमि पर परम् आदरणीय स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री,अब्दुल कलाम और अटल विहारी वाजपेयी जैसे चंद ही ऐसे लोग हैं जिन्हें खोने के बाद ऐसा लगता है जैसे हमने सबकुछ खो दिया और बिन पूछे ही आँखों में आँसू आ जाते हैं। आज पुनः हम मौन हैं। क्या लिखें इस युग पुरुष के बारे में,हमारी ये कविता परम् पूजनीय स्वर्गीय अटल विहारी वाजपेई को समर्पित है :-
“रार नही ठानूँगा,हार नहीं मानूँगा,”
है नाम अटल,थे कर्म अटल,
थे सत्य कर्म के राही छोड़कर चले गए,
आई दो पल की थी मौत साथ में चले गए।
था अंतिम उनका लक्ष्य हार ना मानेंगे,
चाहे कुछ भी हो रार नहीं हम ठानेंगे,
जब भी आएगी मौत तो उसे बता देंगे,
अविरल जीवन की तान उसे सुना देंगे,
था सोंच अटल,विश्वास अटल,
आशावादी का तान अटल,
थे अटल,जगत के खास छोड़कर चले गए,
आई दो पल की थी मौत साथ वे चले गए।
गरजता कल तक यही शरीर,
चिरनिंद्रा में सोया वीर,
मुल्क है गौण,जिस्म है मौन,
झुझारूपन की दे सौगात छोड़कर चले गए,
आई दो पल की थी मौत साथ में चले गए।

जहाँ में आते,जाते लोग,कहाँ याद आते सारे लोग,
तुम्हें कैसे बिसराये हम,तुम्हें हर दिल में पाए हम,
गूँजती अब भी तेरी तान,शब्द बन जिंदा अटल महान,
मिटेंगे हम भी इस दुनियाँ से,फिर भी होंगी तेरी गान,
सूरज में जबतक है ताप,जबतक सागर में है पानी,
इस धरती पर जीवित रहेंगी,तबतक तेरी अटल कहानी,
कैसा जीवन का संसार,मौत ही अंतिम उसका प्यार,
सिखाकर जीवन का ये सार छोड़ तन चले गए,
आई दो पल की थी मौत साथ वे चले गए।
!!!मधुसूदन!!!
the saty karm ke raahee chhodakar chale gae,
aaee do pal kee thee maut saath mein chale gae.
tha antim unaka lakshy haar na maanenge,
chaahe kuchh ho jae raar nahin ham thaanenge,
jab bhee aaegee maut to use bata denge,
aviral jeevan kee taan use suna denge,
tha sonch atal,vishvaas atal,
aashaavaadee ka taan atal,
the atal,jagat ke khaas chhodakar chale gae,
aaee do pal kee thee maut saath ve chale gae.
garajata kal tak yahee shareer,
chiranindra mein soya veer,
mulk hai gaun,jism hai maun,
jhujhaaroopan kee de saugaat chhodakar chale gae,
aaee do pal kee thee maut saath mein chale gae.
jahaan mein aate,jaate log,kahaan yaad aate saare log,
tumhen kaise bisaraaye ham,tumhen har dil mein pae ham,
goonjatee ab bhee teree taan,shabd ban jinda atal mahaan,
mitenge ham bhee is duniyaan se,phir bhee hongee teree gaan,
sooraj mein jabatak hai taap,jabatak saagar mein hai paanee,
is dharatee par jeevit rahengee,tabatak teree atal kahaanee,
kaisa jeevan ka sansaar,maut hee antim usaka pyaar,
sikhaakar jeevan ka ye saar chhod tan chale gae,
aaee do pal kee thee maut saath ve chale gae.
!!!Madhusudan!!!


A very heartfelt tribute. Very well written.
Dhanyawad apka pasand karne aur sarahne kw liye.
Fitting tribute to the great Statesman! Dil ko chu lene wali kavita. Dhanyawaad🙏🏻
Sukriya apne pasand kiya aur saraha..🙏🙏
🙏🏻
Bahut khub likha hai sir, 🙏🙏🙏😢
जो मन में आया लिख दिया वैसे जितना भी उन्हें पढा जाए और जितना भी लिखा जाए बहुत ही कम होगा।
kya khub likha hai aapne.. bahut achha laga aur saath ye dukh bhi hai ki Atal ji ab hamaare beech nahi hai.. bhagwan unki aatma ko shaanti pradaan karein.
बिल्कुल।दुख शब्दों में बयान नही किया जा सकता।
श्रद्धा सुमन युगपुरूष को !
ईश्वर उन्हें वैकुंठ प्रदान करें।
बिलकुल !! ऐसा हीं हो .
बहुत खूब लिखा है। अटल जी हम लिखने वाले के लिए भी आदर्श कवि भी थे जिनकी रचना पढकर मन भाव विभोर हो जाता है। 🙏😢🙏
बिल्कुल सही कहा।शत शत नमन।
यह मेरे विचार!!!
कड़वे मगर सत्य
93 के उम्र में अटल जी चल दिए
कीचड़ मे कमल खिला कर
एक सामान्य मनुष्य से अधिक
देश के लिए किया उन्होनें
पुरा जीवन देश को समर्पित कर दिया
मृत्यु तो सत्य है, अटल है।
सभी मृत्यु होगी!!!होगी!!और होगी ही!!
देश को कोई क्षति नहीं पहुंची है
हम उन्हें बचा कर क्या कर लेते???
देश से भ्रष्टाचार, बलात्कार, देश कि क्रूरितीयों को खत्म कर देते????
93 साल कि उम्र हो चुकि थी उनकी
अगर आज वो बच जाते तो वे शारीरिक कष्ट से लिप्त रहते।
उनके लिए जो हुआ अच्छा हुआ।
पुरे राष्ट्रीय को उनके पद चिन्हों पे जल के अटल जी के विचारों जैसा देश का निर्माण कर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए।
देश को सब कुछ तो दे ही दिया उन्होंने, हम अब और आस लगाए बैठें थे???? खुद कुछ नहीं कर सकते???? यहा तक की उनके दिखाये रास्ते पे भी नहीं????
मृत्यु तो ईश्वर का स्वरूप है
पर सर आपकी कविता हमें भावुक कर दि है। बचपन से हि सम्मान था अटल जी के लिए परंतु ज्यादा नही जानता था उनके बारे में। कल जब पढ़ा अटल जी के बारे में तो ह्रदय गद-गद हो गया।
आपने रूह को छू लेनेवाले शब्द कहे हैं।सच मृत्यु अटल है मगर हम जिंदा देखने को बेचैन रहते हैं।याद है जब हम बहुत छोटे थे भाषण का मतलब नहीं समझते थे तब हम किसी का भाषण नही सुनते मगर इनके भाषण सुनने के लिए रेडियो में बैटरी डाल लेते थे।ऐसे थे हमारे युगपुरुष अटल जी।कण कण में बसे हैं हम खुद को अलग नहीं कर सकते और करना भी नहीं।धन्यवाद आपका।
शत प्रतिशत सत्य कहा आपने। मेरे पिता मुझे कल हि बता रहें थे रेडियो वाली बात कि मेरे दादा किस तरह रेडियो पर अटल जी को सुना करते थे। हमारे वक्त तक तो टीवी आ गईं थी पर जो भी अटल जी तो सब कुछ बतला गय। बस अब वक्त है जीवन में अमल लाने का।🙏😥
अटल जी के योगदान को ये राष्ट कभी भी भुला न पायेगा,बहुत सुंदर रचना
बिल्कुल सही कहा।नमन 🙏🙏
गीत नया गाता हूं
बहुत सुंदर समर्पित रचना स्व,
अटल जी को
वो अटल मानस पटल सदा झलकते रहेंगे
ईश्वर उन्हें स्वर्ग प्रदान करें।🙏🙏