MANSIKTA/मानसिकता

रानी पद्मावती, माना की राजपूतों की शान थी, मगर उसके पहले वह हिन्दुस्तानियों की आन थी, खूबसूरत होना कोई पाप नहीं, ना ही नारी होना गुनाह, कहते हैं डोली में बैठते ही नारियाँ, किसी और की हो जाती है, फिर उसे पाने की लालसा बेहयाई मानी जाती है, मगर खिलजी, उसने तो क्रूरता की हद […]

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