Sapne/सपने

कितने जुड़ते हैं संग कई रूठ जाते हैं, कितने सपने साकार होकर टूट जाते हैं, हँस ले जब तक जमाना हँसाये तुझे, रो ले जब दर्द दिल को सताए तुझे, कभी आँखों से आँसूं भी रूठ जाते हैं, कितने सपने साकार होकर टूट जाते हैं। !!!मधुसूदन!!! kitane judate hain sang kaee rooth jaate hain, kitane […]

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Bandhan/बन्धन

प्रेम तो बहती नदियों के जल की तरह है कहीं भी जा सकता है, ये अलग बात है कि लोग सारे प्रेम में बस एक ही रिश्ता देखते हैं, बन्धन इंसानों को बाँध सकती है उनको मौन कर सकती है मगर दिल को नहीं। !!!मधुसूदन!!! prem to bahatee nadiyon ke jal kee tarah hai kaheen […]

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