KHWAAB/ख्वाब
Image Credit : Google हम छोड़ कभी अपनों का दामन जिनसे ख्वाब सजाये, गिरे जमीं पर टूटे सपने अपने मिल ना पाए, ढूंढ रहे हम कब्र में अपने कोई राख में ढूंढे, भरी हुयी आँखों में आँसूं टपक रही है बुँदे, पेट काटकर जिसने हमको बड़े जतन से पाला, बदकिस्मत वे लोग नहीं दे पाए […]
Posted in DIL10 Comments on KHWAAB/ख्वाब
