AAYE PHIR SE NETAJI
हाथ जोड़कर मीठा बिष आया अमृत में घोलने, देखो जी,देखो जी,देखो आया फिर से तोड़ने।। बेमतलब की बात करेंगे केवल फिर तकरार करेंगे, कहीं माँग ना दे अपना हक, मुद्दों की बरसात करेंगे, फिर से मंदिर गान बजेगा, जात-पात परवान चढ़ेगा, तरसेंगे कुछ हक पाने को, आरक्षण का मान बढ़ेगा, जिसकी लाठी भैंस उसी की […]
