ANDHAARAAJ/अँधाराज
Image Credit :Google तड़पते लोग जन्नत में गजब का देश मेरा है, तपोभूमि जो ऋषियों की वहाँ छाया अँधेरा है। जहाँ मीठे नदी,झरने जहाँ थी बोल में अमृत, वहीं विषाक्त जल,वाणी,हुआ नफरत का डेरा है, तड़पते लोग जन्नत में गजब का देश मेरा है। जिसे देखो वही अब स्वार्थ की धूनी रमाते है, सिंघासनरूढ़-पालक गीत […]
