MAA KAHAN HO TUM

Images credit: Google कैसे जग इतना बदल गया,ऐ मात मुझे समझा दो, आया माँ शरण तुम्हारे, बस इतनी दया दिखा दो। है विविध धर्म इस जग में हर धर्मों में नारी रोती, तुम भी तो माँ नारी है एक,कैसे गुमशुम हो सोती, महिसासुर रौब जमाते हैं अब घर-घर मे ऐ माता, है गर्भ में रोती […]

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