KYUN ITRAAYE RE/क्यों इतराये रे
Image Credit : Google पल-पल,पल-पल,पल-पल,पल-पल, पल ये छूटता जाए क्यों इतराये रे, दिनकर पल-पल जीवन का ये ढलता जाए रे, दिनकर पल-पल जीवन का ये ढलता जाए रे। पल-पल बिछड़ रहे अपने जैसे मुट्ठी से रेत, रंग बिरंगी दुनियाँ पल-पल बनती जाती स्वेत, कल का साथी आज कहाँ है, छलिया,धोखेबाज जहाँ है, उस छलिया से […]
