NAARI HUN MAIN/ नारी हूँ मैं

तेरी प्रेरणा,तेरी अर्धांगनी हूँ मैं, तेरी हिम्मत,तेरी मर्दानगी हूँ मैं, अरे मतिमंद मानव,मैं हूँ तो तूँ है, मुझसे ही तेरे जीवन में सुकूँ है, सोच सिर्फ एक मामूली चोट पर तेरी, सर्वस्व लुटा देती हूँ, धरती से लेकर आसमान हिला देती हूँ, तेरे लिए जप,तपकर काया जला देती हूँ, यम से भी वापस तेरे प्राण […]

Posted in NariyanTagged , 27 Comments on NAARI HUN MAIN/ नारी हूँ मैं