KYA JAANE THAG PREET/क्या जाने ठग प्रीत

क्या फर्क अगर मैं हूँ ना हूँ, वे दिल अपना बहला लेंगे गिरगिट क्या रंग दिखाएंगे, रंगों की झड़ी लगा देंगे। छल से मन जिसका भरा हुआ, वे प्रेम का मतलब क्या जाने, जिनकी बुनियाद ही झूठी हो, जज्बात भला क्या पहचाने, है स्वार्थभरा तन-मन जिनका, वे प्रेम को क्या पहचानेंगे, क्या फर्क अगर मैं […]

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MAA/माँ

इंसान अपने संग जुड़े सभी लोगों की आकांक्षाओं एवं उम्मीदों को पूरी करने में सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर देता है फिर भी इस दुनियाँ में कोई खुश नहीं होता, सबकी आशा,उम्मीदें एवं शिकायतें निरंतर बढ़ती जाती है, मगर इन सबों के बीच एक रिस्ता ऐसा भी है जिसे हमसे कोई शिकायत नहीं, अगर होती भी […]

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Jivan-Dor/जीवन-डोर

ना वैरी ना मित्र हमारे, शब्दरहित संगीत हमारे, आ वैरी या मित्र बना ले, शब्दों से संगीत सजा दे, जीवन कोरा-कागज लिख, कुछ भी दिल अपना खोल के, मैं ठहरा जल मौन पड़ा, दरवाजा,खिड़की खोल के। आना पर विनती है सबसे, असमंजस ना रखना मन से, हँसकर आना,हँसकर जाना, संसय मन मे कभी ना लाना, […]

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VASUDHAIV KUTUMBKAM/वसुधैव कुटुंबकम

चलचित्र समाज का आईना है जो पूर्व एवं वर्तमान की घटनाओं को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर सत्य से रूबरू कराता है। हमने राम,कृष्ण,बुद्ध,महावीर, गुरुनानक,यीशु मसीह के चरित्र को रामायण,महाभारत एवं अन्य ग्रंथों के माध्यम से रुपहले परदे एवं दूरदर्शन पर देख अपने जीवन को धन्य बनाया है। कोई भी धर्म गलत सन्देश नहीं देता […]

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DHARM/धर्म

सिंघासन का उलटफेर,जाति-धर्मों एवं साम्राज्यवादी सोच तलेमिटती और पनपती सभ्यताएँ,सदियों से धर्मांधों की गरजती तलवारों के समक्षघुटनों के बल सिसकती इंसानियत,एवं दिल से मिटतेदया,करुणा,त्याग,प्रेम एवं रहम के नामोनिशानताज्जुब है फिर भी लोग कहते हैंधर्म जिंदा है,सच में धर्म जिंदा है तो कहाँ है धर्म?धर्म आज भी वहां जिंदा है जहाँमंदिर,मस्जिद,मुल्ला,पंडित हो ना हो,मगर जब भी […]

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Chhath Puja/छठ व्रत

Image Credit :Google हे सृष्टि के एकमात्र प्रभु तुम मूर्तरूप भगवान, करूँ मैं तेरी पूजा, छठी मैया के साथ,करूँ मैं तेरी पूजा। हे सूर्यदेव है विनती, कर दे कंचन काया, हे भ्राता छठी माँ के, कर दे निर्मल काया, तन जारेंगे मन शुद्ध, शुद्ध फल-फूल चढ़ाऊँ, हे दिनकर तुमको, सात सुप से अर्घ्य चढ़ाऊँ, सृष्टि […]

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Quote..35

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote अश्क का सैलाब आँखों से बरसते रहे, शब्द बन दर्द सब पन्नो पर सजते रहे, काश एक बार आते हर दर्द सुना देते हम, वियोग किसे कहते हैं ये भान करा देते हम, शायद पागल चकोर को ये आभास नहीं की अम्बर से चाँद कभी जमीन पर नहीं आता, […]

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ISHWAR SATYA HAIN..3

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Click here to read part..2 जबतक दीपावली मनानेवाले लोग होंगे तबतक प्रभु राम होंगे, जब दीपावली मनानेवाले लोग नहीं होंगे तब भी प्रभु राम होंगे, जब वे मानव रूप में आये थे तब भी कुछ लोग उनको नहीं समझ पाए, अब इस कलियुग में प्रभु राम आ भी जाएँ […]

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DEEPAWALI प्रकाशपर्व

आ मिलजुल हम दीप जलाएँ, अंतर्मन को हम चमकाएँ, करें सफाई घर संग मन को, आज दिवाली है, आओ जग को चमकाएं हम आज दिवाली है।2 कार्तिक काली रात अमावस, खुशियाँ लेकर आई है, दीप जले चहुँओर अवध, मानो पूर्णिमा छाई है, छटी घटा गम खुशियाँ आई, अंतिम दिन वनवास की आई, लंक विजय घर […]

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Bahrupiya kahun yaa Paalanhaar/बहरूपिया कहूँ या पालनहार

Image Credit:Google धर्म नहीं है प्यारा कोई जात नहीं है प्यारी, हम ये जानते हैं, क्या है चाल तुम्हारी सब पहचानते हैं। तेरा बस एक ख्वाब सियासत करना है, जैसे भी हो सिंघासन पर रहना है, खुली आँख या पलके बंद,अंतर्मन में चलता द्वंद्व, कैसे अपनी क्षुधा मिटाएँ,कहीं निकल ना जाए दम, उलझ गए रोजी-रोटी […]

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