Jivan-Dor/जीवन-डोर

ना वैरी ना मित्र हमारे, शब्दरहित संगीत हमारे, आ वैरी या मित्र बना ले, शब्दों से संगीत सजा दे, जीवन कोरा-कागज लिख, कुछ भी दिल अपना खोल के, मैं ठहरा जल मौन पड़ा, दरवाजा,खिड़की खोल के। आना पर विनती है सबसे, असमंजस ना रखना मन से, हँसकर आना,हँसकर जाना, संसय मन मे कभी ना लाना, […]

Posted in Jiwan Darpan, Jiwan dhara, UncategorizedTagged 26 Comments on Jivan-Dor/जीवन-डोर