Quote..38

रोने से गम दूर होते तो हम भी रो लेते, मेरे मुस्कुराने से इतना हैरान क्यूँ है, ऐ जिंदगी,क्या हुआ ? तूँ इतना परेशान क्यूँ है? !! मधुसदन !! Read my thoughts on YourQuote app at https://www.yourquote.in/madhusudan-singh-b1ht/quotes/rone-se-gm-duur-hote-hm-bhii-ro-lete-mere-muskuraane-se-hai-qprn0 Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote

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तलवार/TALWAAR

Image Credit : Google वीरों का श्रृंगार तेग, अन्याय मिटाता है शमशीर, दुष्टों के गर हाथ लगा फिर बहुत रुलाता है शमशीर, बल पाकर शैतान गरजते, भूमंडल को वश में करते, निर्बल के गर्दन से होकर गुजरा जो शमशीर, जिस ख्याति,गरिमा,शोभा के जड़ में हो शमशीर, एक दिन उसे मिटाने का कारण बनता शमशीर, एक […]

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MAA TUMSA NA KOYEE/माँ तुमसा ना कोई

Image Credit : Google जीवन के इस ढलते क्रम में,दुनियाँ को मैं देख लिया, अरमानों के सजे पुलिंदे,हर रिश्तों में देख लिया, सबकी चाहत बीच खड़ा मैं,स्वार्थ,प्रेम के बीच पड़ा मैं, सबकी रही शिकायत पल-पल,कुछ खोयी सी चाहत हरपल, ख्वाहिश सबके दिल में हमसे,मांग अधूरी रहती है, प्रयत्न निरर्थक खुश रखने की फिर भी दूरी […]

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MAA BHARTI PUKARTI/माँ भारती पुकारती

Image Credit :Google जाति की लड़ाई,धर्म,क्षेत्रवाद भारी,स्वार्थ फिर से खड़ा है इतिहास दोहराने को, अब भी लाचार पोरस,राणा और चौहान, मान सिंह,जयचंद फिर अड़े हैं सब मिटाने को। जात-पात की ये जंग,धर्म,क्षेत्र,मे हैं अंध,गए भूल सभी बेड़ियाँ लगी सहस्त्रों साल की, फिर से घमंड वही झूठी अहंकार,स्वार्थ,दूसरे को नीच खुद श्रेष्ठतम दिखाने की। भेद जाति,धर्म […]

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MAHARANA PRATAP/महाराणा प्रताप

Image Credit :Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी था हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| स्वर्णअक्षरों में अंकित,इतिहास भी शीश झुकाता है, जो मातृभूमि की शान में अपनी,हँसकर शीश कटाता है, वीरों से धरती भरी पड़ी,इतिहास भरी गाथाओं से, भारत की […]

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BESHARM SIYASAT/बेशर्म सियासत

Image Credit : Google हृदयहीन,बेशर्म सियासत, अमर्यादित जंग सियासत, बिगड़े सबके बोल अलंकृत-शब्दों से है तंग सियासत। प्रजातन्त्र से प्रजा गायब, मर्यादा का पर्दा गायब, राजनीति की हालत देखा, नीति,नियत,नियंता गायब, हम टुकड़ों में देश बंटा है, कहने को संग एक खड़ा है, रण जारी और मौन तख़्त है, निर्लज्ज नेता लफ्ज,तल्ख है, लोकतंत्र का […]

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KASAK/कसक

Image Credit : Google प्रेम हमने किए हम निभाते रहे, जिसने की ही नहीं आजमाते रहे, तोड़ रिश्ते गए वे जो अपने ना थे, ख्वाब वे मेरे,हम उनके सपने ना थे, फिर भी सपनों में उनको बुलाते रहे, प्रेम हमने किए हम निभाते रहे। दर्द इतनी सी है क्या खता थी मेरी, कसमें,वादे-तलक क्यों वफ़ा […]

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BAARAAT/बारात

Image Credit : Google कैसी ये बारात सजी है देखो जी, दूल्हों की अम्बार लगी है देखो जी। सबकी बस एक सोच सियासत करना है, जैसे भी हो कुर्सी हासिल करना है, ख्वाब सभी की देख एक बन आई है, समझ इसे अब दुल्हन भी घबराई है, रण जारी लाचार महि है देखो जी, दूल्हों […]

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