Poras aur Sikandar

Image credit:google सिकन्दर हार गया, बादशाह मकदूनिया का था,विश्वविजय अरमान, झेलम नद के तट पर आकर टूट गया अभिमान, सिकन्दर हार गया, हैं कहते जिसे महान,सिकन्दर हार गया। उत्तर में यूनान अवस्थित, मकदूनिया एक राज्य, चला सिकन्दर पूर्व दिशा में, भारी सेना साज, थिब्स,मिश्र,इराक हराते, फौज बढ़ा हिरात से आगे, समरकन्द,काबुल जीत प्रतिशोध लिया ईरान […]

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ANJAANA/अनजाना!

मुझसे भी मेरे दिल का खास,हुआ है कोई।मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।आते वे पास,हम ना होते इस जहान में,एक साथ चाँद कई दिखते आसमान में,उनकी अदाएं,बातें,आँखें,मुस्कुराहटें,अस्त्र विचित्र,ध्वस्त गुरुर की इमारतें,खुले बज्र जैसे दिल के किवाड़,खुदा है कोई?मौसम संग बदले सारे ख्वाब,दुआ है कोई।कैसी ये रुत कैसी आई ये उमरिया,खुद से भी प्यारी लगे […]

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DILEMMA/उहापोह

मैं धरती तुम गगन हमारे,सूरज,चंदा,चमन हमारे,काया मेरी जान तुम्ही हो,धड़कन मेरे प्राण तुम्ही हो,बेशक नयन हमारे उनमे बस तेरे ही रूप रे पगले,भरी दुपहरी ढूँढ रहा क्यों,इधर-उधर तुम धूप रे पगले।मैं राही तुम सफर हमारे,मंजिल तुम हमसफ़र हमारे,तुम ही मेरे काशी,काबा,तुम चितचोर मेरे,मैं राधा,तुम ही हो प्रारब्ध,मुकद्दर और मैं तेरी हूर रे पगले,भरी दुपहरी ढूँढ […]

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