Jajbaa/जज्बा
Images credit: Google पाँवों में बेड़ियाँ, हाथों में फाँस, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ| बचपन में बोझ दिया, बच्चे जब खेलते, अरमाँ हमारे पहाड़ों को झेलते, चीथड़ों में सिमटी है अपनी लिबास, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ|२ पाँव मेरे जिस दिन घर से निकलते, चूल्हा उसी दिन […]
