Jajbaa/जज्बा

Images credit: Google पाँवों में बेड़ियाँ, हाथों में फाँस, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ| बचपन में बोझ दिया, बच्चे जब खेलते, अरमाँ हमारे पहाड़ों को झेलते, चीथड़ों में सिमटी है अपनी लिबास, हाय रे बिधाता तेरा कैसा इन्साफ|२ पाँव मेरे जिस दिन घर से निकलते, चूल्हा उसी दिन […]

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Jindgi/जिंदगी

कलकल बहता पानी, स्थिर मोह लिया मन मेरा, सुदबुध खो बैठे, थे तुम बहते पानी जैसे, तेरे हो बैठे।। कल तक हम थे बृक्ष सामान, फिर भी भरा हुआ अभिमान, कितने आँधी बनकर आये, फिर भी हमें डिगा ना पाये, हम थे जड़वत सील के जैसे, विश्वामित्र भी कह लो वैसे, फिर तूँ पास मेनका […]

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Bhatkata Dharmo me Insaan

डाल बदला है तू पर तना है वही, घर बनाया नया, पर घराना वही, कैसी गफलत में हैं फिर भी सारे,तेरे पूर्वज वही जो हमारे। याद कर जंगली थे कभी हम सभी, जानवर की तरह लड़ रहे थे कभी, जीव-जंतु, नदी, बृक्ष, पर्वत, हवा, रब दिया स्वर्ग सी खूबसूरत धरा, मुर्ख थे खुद की मैयत […]

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Guru Bhakt Aruni

Image credit:Google एक आज्ञाकारी शिष्य, जिसके गुरु थे मुरीद, उसी गुरु-शिष्य की कथा सुनाऊँ, आरुणि की गुरुभक्ति आज गाउँ। ऋषि एक आयोदधम्य, जिसके शिष्य थे असंख्य, शिष्य आरुणि का नाम खूब छाया, गुरुआज्ञा को क्या खूब था निभाया, एक दिन की है बात, हुयी घोर बरसात, बाल शिष्य आरुणि था, चला आज्ञा शिरोधार्य, संग फावड़े […]

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Nasha vikas ka

Images credit.Google छोटे घर में चैन सुकूँ,सच दम बिल्डिंग में घुटता है, आसमान में रहता एक दिन धरती पर ही गिरता है| एक समय घर अपना छोटा, माँ धरती के आँचल में, आज हुए हम विकसित छूते, आसमान के बादल में, कल तक सूरज,चाँद दिखाई, देता घर के आँगन से, शुद्ध हवा के झोके छूकर, […]

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Jindagi ke Rang 

जीवन है सतरंगी आ संग,इसके जश्न मनाले, एक-एक खो जाएंगे फिर,जो भी साथ हमारे। हाथ मे आया और कब खोया, लट्टू,गीली-डंडा, खेल कबड्डी कब आया, कब खोया हाथ से अंटा, पता नही कब कलम मिली कब छूट गया विद्यालय, पता नहीं कब यौवन आयी, कब आया मदिरालय, होठों से कब जाम लगा,साकी थे साथ हमारे, […]

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Jindagi

गुड्डा ​मैं एक घरौंदे का, जिसकी तु प्यारी गुड़िया है, यादों में मेरी तू बसती, तुममे ही मेरी दुनियाँ है, तू रूठ गयी रब रूठ गया, था बना घरौंदा टूट गया, ये मान सका ना पागल दिल, सपनों का सागर सूख गया, कहते हैं सब मैं पागल हूँ, सब कहते तू अब नहीं रही, उस […]

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Saathi Re

जबसे मैने होश सम्हाला, कदम गली में पहला डाला, कंधे पर जो हाथ पड़ा बन बैठा साथी रे, भूल नहीं सकते यारा,है याद सताती रे। याद हमें पत्थर की गोटी, याद है गिल्ली-डंडा, याद हमें वह साथी, जिसके साथ में खेले अंटा, लुक्का-छिपी,चोर-सिपाही, याद है खेल कबड्डी, भूल नहीं सकते वो साथी, जो बचपन का […]

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