Sawan Bholenath ka
आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में,
रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में।
कदमताल में चले कांवरिया,
सबके मनवाँ हरषे ला,
ठंढी,ठंढी पवन चले संग,
रिमझिम बदरा बरसे ला,
गाँव,शहर हर जगह,
शिवालय में भक्तों का मेला है,
नर,नारी का प्रेम अलौकिक,
सोमवार अलबेला है,
गूंज उठा है बम बम भोले बाबा के दरबार में.2,
रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में।
बेलपत्र संग भांग,धतूरा,
बाबा भोग लगावेला,
देव,दनुज,गन्धर्व,नाग,नर,
भूत-प्रेत सब भावेला,
मंदिर-मंदिर मन की तृष्णा,
शिव जी तो घट-घट में हैं,
मिट्टी का शिवलिंग अगर,
उसमें भी शिव जी बसते हैं,
जल का भी एक रूप हैं भोला,लिखी शिवपुराण में,
रंग – बिरंगी खुशियां सारी, सिमटी है इस माह में।
!!! मधुसूदन !!!



देवघर ,सावन और कवरियो का क्या खूब चित्रण लिया है .
Sukriya apka ……aapne saraahaa…..
Sarahna ke laayak post hai. 😊
Her her mahadev 🙏🙏
Har har mahadev……dhanyawad sapna ji……
Hope this happiness and celebrations brings joy in everyone’s home free from despair and sadness!!
Beautiful poem
thank you very much for your appreciation ……..
ऊँ नम: शिवाय । बहुत सुंदर वर्णन
ऊँ नम: शिवाय
Jai Shiv Shankar. Jai Baba Dham.
बोल बम !!! 😀
Har har Mahadev……
Wow sir very nice👌👌👌
Thank you very much…
Har har bum bum….
Har har bum bum….
🙏
जय भोलेनाथ
भक्तिमय उत्तम प्रस्तुति
धन्यवाद आपने पसंद किया और सराहा।
सुक्रिया अपने पसन्द किया और सराहा।