AYODHYA PRABHU RAM KI/अयोध्या प्रभु राम की ।

Image Credit : Google जगमग पुनः अयोध्या देखा, दीपक संग जलते दिल देखा, देखे तेरे अश्क नयन हम संग संग तेरे रोते मेरे राम जी, कह दो कहाँ गए सब न्याय टाट में,खुद गुमशुम क्यों सोते मेरे राम जी। ये कैसा कलियुग है आया, अवधपुरी क्या रंग दिखलाया, जिस धरती का नाम राम से, वहीं […]

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AYODHYA/अयोध्या

Image Credit : Google वर्षों से प्रभु राम जहाँ दिन-रात गुजारे टाट में, वाह रे भारत के वासी हम सोते कैसे ठाट में। इक्ष्वाकु की आन अयोध्या, रघुकुल की अरमान अयोध्या, स्वर्ण लंक को त्याग दिया उस प्रभु राम की जान अयोध्या, जिसका ना दुश्मन दुनियाँ में, नफरत ना जिसको दुनियाँ में, बरसाता जो प्रेम […]

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ISHWAR SATYA HAIN..3

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Click here to read part..2 जबतक दीपावली मनानेवाले लोग होंगे तबतक प्रभु राम होंगे, जब दीपावली मनानेवाले लोग नहीं होंगे तब भी प्रभु राम होंगे, जब वे मानव रूप में आये थे तब भी कुछ लोग उनको नहीं समझ पाए, अब इस कलियुग में प्रभु राम आ भी जाएँ […]

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Rawan/रावण

Cont Part ..3 Image Credit: Google बिशेश्रवा का पुत्र,पुलत्स्य का पौत्र, ब्राम्हण कुल जन्मा,ब्रम्हा का परपौत्र, जहाँ में कौन जो इस नाम से अनजान है, रावण जिसका नाम ही उसकी पहचान है।। संगीतबद्ध किया वेदों को, नाम था रावण, परमभक्त शिव का, उसका नाम था रावण, महापराक्रमी,शास्त्रों का प्रखर ज्ञाता, जो महाज्ञानी कहलाया, नाम था […]

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ISHWAR SATYA HAI..2

Follow my writings on https://www.yourquote.in/madhusudan_aepl #yourquote Click to read part..1 रामायण किसी के लिए दो राजाओं का एक स्त्री के लिए किये जानेवाले युद्ध से सजी एक ऐतिहासिक किताब मात्र है, तो किसी के लिए नर रूपधारी भगवान श्रीराम के लीला से परिपूर्ण समस्त प्राणियों को सत्यमार्ग दिखलानेवाला एक पवित्र और अमूल्य ग्रन्थ। जो भी […]

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ISHWAR SATYA HAI..1

जो दिखता है वही सत्य, एवम न दिखनेवाली वस्तु असत्य कैसे, आसमान में तो अनगिनत तरंगे विद्यमान है मगर हम उन्हें देख नहीं पाते, इसका मतलब ये तो नहीं कि तरंगे नहीं हैं, अगर टीवी,रेडियो नहीं होते तो हम ज्ञानी शायद उसे भी नकार देते, ज्यादा ज्ञानवान लोग हर चीज का प्रमाण माँगते हैं चाहे […]

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Urmila ki Dasha

Click here to read part-1 सजी ऐसी अवध नगरी,की दुल्हन भी नहीं सजती, लखन,सिया,राम आये हैं,ख़ुशी कहते नहीं बनती। सजा आकाश तारों से, सजी वैसी अवध नगरी, ख़ुशी से झूमते सारे, ख़ुशी कहते नहीं बनती, वहीं ऐसा भी एक कोना, बिरह की आग में जलती, बनी पत्थर सी एक मूरत, किसी की राह है तकती […]

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Urmila Patra of Ramayna

Image Credit :Google बैदेही की बहन उर्मिला,की मैं कथा सुनाऊँ कैसे, चौदह वर्ष की बिरह,वेदना,त्याग,तपस्या गाउँ कैसे। जिस गुलशन में अभी-अभी आया बसंत का मेला था, फूल बनी ओ खिली ही थी की,बिरह ने डाला डेरा था, प्रियतम ही यमराज बना,सन्देश सुनाने आया, प्राणहीन काया कैसी ये,समझाने को आया, सिया-राम संग वन जाने को मन […]

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