TEDHE MEDHE RASTE/टेढ़े मेढ़े रास्ते
जिंदगी ये दौड़ चली,ख्वाहिशों को पंख लगी,है अनन्त दूर गगन,जिसको चूमने की लगन,पाँव चल पड़े निड़र,ना पूछ चल पड़े किधर,है नैन में मुकाम कई,सुप्त कई चाहतें,दिल में मगर अब भी वही टेढ़े मेढ़े रास्ते,वो टेढ़े मेढ़े रास्ते।राह वही जिस धरा ने ,बचपना सँवार दी,भूल जाऊँ कैसे जिसने इतना हमें प्यार दी,अब भी हर गली-गली में […]
