Nafrat Ka Khel

मिलकर दुर्गंध मिटा देंगे,धरती तो जन्नत सा होगा, जिह्वा जिनकी जहर भरी,उस दानव का फ़िर क्या होगा? हम मुर्ख हैं हम अज्ञानी हैं, हम लापरवाही करते हैं, अपनी सुन्दर सी धरती को, सच है गन्दा हम करते हैं, पर देश से नफरत नहीं हमें, है नाज हमें उन सैनिक पर, वे गोली खाते रहते हैं, […]

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