Dustak

बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है, संवर कर भी स्वार्थ संवर नहीं पाता है, खुशबु बिखेरे मिटकर फूल दुनिया में, कांटे फूल पाकर भी महक नहीं पाता है, बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है। जिंदगी तो दौड़ है स्वार्थ और प्रेम का, रिसते हैं आँखों से अश्क स्वार्थ-प्रेम का, सिलवटें निशान […]

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Megha Ajaa Man Tarse

आसमान में गरज रहा क्यों मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा जा रे| नजरों से था दूर याद मैं करती थी, रात-दिन आने की राह निरखती थी, पास में आकर दूर समझ ना पाऊँ मैं, अपनी दर्द को कैसे अब दिखलाऊँ मैं, आँखमिचौली धुप से खेल ना मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा […]

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Titliyon si Jindgi

Image Credit : Google ना गम कोई होता ना बन्धन ही होती मेरी भी जीवन तितलियों सी होती, चंचलता के संग में संजीदगी भी होती,मेरी भी जीवन तितलियों सी होती।। फिर हम जहाँ में सबको लुभाते, रंगीन जहाँ को हम फिर बनाते, निगाहें शराबी अदाओं के संग-संग, थोड़ी सी हम मे शराफत भी होती,मेरी भी […]

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Ummeed

देख ले दर्द में कैसा हाल, हैं आँखे भीगी की भीगी, बह रही उर बीच कैसी धार,कंचुकी गीली की गीली। देखकर घर का बुरा हाल. है तूने छोड़ दिया घर द्वार, है गुजरे याद में कितने साल, संदेसा आया ना एक बार,धैर्य है टुटा, याद है कल की सारी बातें, तेरी प्रेम भरी सब यादें, […]

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Nothing Without Nation

Image Credit : Google हैं कोमल-नाजुक पत्ते हम, हमसे खूबसूरती डाल की, गर टूट गए डाली से हम,फिर कीमत क्या है जान की। हम नाजुक हैं कमजोर नहीं, टकरा जाते तूफानों से, बेशक टकराकर तन अपना, रक्त-रंजित भी हो जाते हैं, आती है घोर बिपत्ति जब भी, हम पर, तरु या डाली पर, एक दूजे […]

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Bibas Insaan

हम कलि हैं बचा लो चमन के तेरे, वरना खिलने के पहले बिखर जाएंगे, हम भी हैं इस जहां की तुम्हारे वतन, तेरे क़दमों में सिर अपना रख जाएंगे ।। बस करो जातियों में ना बांटों हमें, धर्म का पाठ अब ना पढ़ाओ हमें, एक धरा,एक वतन,एक इंसान हम, प्रेम की हम किरण प्रेम की […]

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Jindagi 

Image Credit : Google ऐ जिंदगी कितनी छोटी,कितनी हँसीन है तूँ फूलों से भी नाजुक और कमसिन है तूँ, सहजता से जिया तुझे बचपन से अभी तक, होठों की मुश्कान तूने बिखेरा है जमीं पर, खुशियाँ बहुत है,आसमाँ क्यों दिखाते हो, बचपन के जाते नई जहाँ क्यों दिखाते हो, बहुत ही हँसीन है तू ऐ […]

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Kora Kaagaj

Image Credit : Google जीवन कोरा बिन अपनों के, जैसे कोरा कागज, धरती की ना प्यास बुझाये, बिन पानी के बादल, ख्वाब बिना पानी के बादल, आँख खुले तड़पाते, क्या लिखूँ मैं याद में तेरी,शब्द मुझे तरसाते।1 लिखना चाहूं,लिख ना पाऊं, जज्बातों को मैं उकसाऊं, पढ़कर तुमको तेरा होकर, ख्याल हजारों आतें, क्या लिखूँ मैं […]

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Talaaq ka Dansh

तड़प,वेदना,चीख,विनय,मज़बूरी और जज्बात, शौहर,रब,माँ-बाप सभी को दिखलाती हालात, मगर स्वार्थ,मतलब,गुरुर में,दर्द ना देखा नर ने, दिल में थी तस्वीर किसी की,दे दी तीन तलाक। ●●●●● आक्रोश एवं एक असफल बिनती नारी का•••• ऐसे नफरत ना कर हम से प्यारे,हम किधर जाएंगे, अम्मी,अब्बू को क्या हम बताएं,सुन के मर जाएंगे, ऐसे नफरत ना………………….|1 हम से पहली […]

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Politics 

देश बुरा ना हम बुरे,ना बुरा है अपना संबिधान, राजनीत की चक्की में है,फिर भी पीस रहा इंसान। सत्तर साल की हुयी आजादी, क्या खोये क्या पाये हम, आओ देखें गुलशन अपना, क्या बोये क्या पाये हम, खेत बिना पानी के अब भी, मजदूरों का हाल बेहाल, बिद्यालय से शिक्षा गायब, बेरोजगार की लगी कतार, […]

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Armaan

प्रेम तो बहती नदियों जैसा, पर वैसा हम जीव नहीं, प्रेम तो करते बृक्ष मगर हम, वैसा भी निर्जीव नहीं, प्यास लगे तब क्षुधा मिटाएं, फल,फूलों से प्यारे करें, जब मर्जी तब उसे मसल दें, ये कैसा फिर प्यार करें, ऐसे स्वार्थ से घबराता दिल,मोम है ये पाषाण नहीं। प्रेम के बदले प्रेम चाहते, इंशां […]

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Thanks to All

प्रिय पाठकगण एवम साथियों, नमस्कार, आप सब ने अपना बेशकीमती समय देकर हमारे पोस्ट को पढ़ा,पसंद किया साथ ही साथ प्रतिक्रिया भी ब्यक्त किया इसके लिए आपको कोटि-कोटि आभार।हम अपनी कविता और लेख के माध्यम से आपसब का  मनोरंजन करने के साथ साथ समाज में फैली बुराईयों पर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करता हूँ […]

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Kaisi Jindagi 

Image Credit : Google आज भी ओ महक तेरी,याद बहुत आती है, स्वेत वस्त्रों में,अरमान सुलग जाती है। तुम हो तो,साड़ी,गहने,कपडे है तुमसे ही दुनियाँ की मेरे सभी सपने है, जानती थी पर,किश्मत ना जान सकी, साबित्री थी पर खुद को ना पहचान सकी, क्या करें मजबूर थी,तुमसे कोसो दूर थी, आज सब कुछ है,बस […]

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Dil ki Jajbaat

किसे बताएं, दिल की जज्बात, बेचैन हम। तरस रहे, रिमझिम वारिस, भींगे हैं हम। लौट के आजा, झमझम सावन, तरसे मन। बदली जैसी, पिघल के बरसी, पिघला मन। सतरंगी सी, सपनो की दुनीयाँ, तू सहजादा। याद सताये, मधुर मिलन की, शाम है आजा। दिल की बातें, समझ गया दिल, प्रेम की भाषा। भीगते आया, मानो […]

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Kaash….Ek Kachot

जैसे थे हम अच्छे थे, वैसा ही रहने देते, जाति-धर्म,का भेद मिटा,कुछ प्रेम का तोहफा देते ||   याद है बचपन की सब बातें, साथ में खेला करते थे, हिन्दू-मुस्लिम,जात-पात का, मतलब नहीं समझते थे, घर में मिलती डांट सजा, हम कहाँ सुधरनेवाले थे, मिले नहीं गर सुबह कहाँ फिर, दिन गुजरनेवाले थे, घरवाले सब […]

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Ansu/आँसूं

आँखों में दो बूंद है पानी,आंसू बनकर बहते हैं, उसको ना पहचान सके जो आँखों में ही रहते है।   किश्ती में हैं घूम लिया,सागर में उम्र गुजारा है, फिर भी देख मुशाफिर कैसे,सागर ना पहचाना है, समझ सका ना ख़ुशी है या फिर,जख्म जिगर में गहरे है, उसको ना पहचान सके,जो आँखों में ही […]

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Daldal si Rajneet

कैसी है आजादी जहाँ,आज भी बिबसता है, दलदल बना जाति,धर्म रोज कोई मरता है।।   कहीं छुआ-छूत आज, दंगा कही धर्म का, बीते कई दशक मिला,मरहम नहीं मर्ज का, ज्ञान है अपार कोई बेच रहा साग है, बेजुबान प्राणियों सा बुरा उसका हाल है, कैसी सरकार चली देख धनानंद की, राजतंत्र लौट गयी देख परमानंद […]

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Bibastaa

Image Credit :Google लोकतंत्र है विवश सिसकता देख तड़पता मानव पर, देख प्रतिभा झुलस रही है,जातिवाद के पावक पर। भूखी नंगी लोग सड़क पर उड़ती गड्डियाँ ठुमकों पर, तरस रहे हम छत को कब से नेता सोये मखमल पर, राशन कार्ड और सब्सिडी को लूट लिए महलोंवाले, दूध की नदियाँ सुख चुकी हर मोड़ खड़े […]

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Pukaar 

हूँ अबला,गरीब मैं,लोग मुझे सताते है, मेरे धर्मवाले मुझे बार-बार रुलाते हैं || मन में बिस्वास और उम्मीद लेकर आयी हूँ, थककर उस संसार से, तेरे दर पे आयी हूँ, आजा आके मुझको अपने गले से लगा लो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो, रश्मों के साथ मुझे हिन्दू तुम बना दो |1| […]

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Adhure Khwaab

बरसों बाद उनको याद आयी गुलशने जिंदगी बहार आयी, चुप थे लब खामोश आँखे थी, कैसे उनको हमारी याद आयी।1 भूल से ओ गली में आ बैठे, या जलाने का कोई इरादा था, या तरस थी मेरी उनकी आँखों में, कैसे उनको हमारी याद आयी।2 सिलवटें जो निशान छोड़ा था, कतरा-कतरा को हमने जोड़ा था, […]

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