MILAN
Image Credit :Google आता सावन साल में जैसे वैसे प्रियतम आते, सावन रहता एक माह वे एक प्रहर में जाते। पल आने की आज चहकती, दरवाजे को खोल खड़े, खिड़की,परदे,उपवन,मौसम, साथ-साथ हैं झूम पड़े, आ जल्दी अब देर करो ना, जाने का पल निश्चित है, सजी हुई फुलवारी बिचलित, क़दमों में आ अर्पित है, बिरह […]
Posted in DIL41 Comments on MILAN
