Intejaar Sawan ka

आया सावन हम सब रहते जिसके इंतजार में, रंग-बिरंगी खुशियां सारी,सिमटी है इस माह में| नैन किसी की सावन के संग, झर-झर बहते रहती है, कब आएंगे बालम उसकी, पल-पल राह निरखती है, सखियाँ झूले नीम की डाली, गीत सुनाती सावन के, कोई सजकर द्वार खड़ी है, इंतजार में बालम के, साजन आये खुशिया लाये […]

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Karaagrih

कारागृह में जन्म लिया, उसकी मैं कथा सुनाता हूँ, कृष्ण,कन्हैया,गोवर्धन भगवान की कथा सुनाता हूँ। सात-सात थे दरवाजे, जिनपर थे ताले जड़े हुए, एक से बढ़कर एक जहाँ पर, पहरेदार थे खड़े हुए, ऐसे कारागार में बन्दी, मात-पिता जंजीरों में, कैसा वह इंसान गर्भ में, क्या लिखा तकदीरों में, दुश्मन कैसा मथुरा का वह, शक्तिशाली […]

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BHUKH

सेज सजी मखमल की फिर भी नींद नहीं है आती, थाल सजी छत्तीस ब्यंजन पर भूख नहीं ला पाती। आह निकलती निर्धन की, उस ब्यंजन से उस बिस्तर पर, भूख लगे कैसे धनिकों को, नींद लगे फिर मखमल पर, महलों में ना चैन किसी को, ना सुकून मिलता है, देख सको तो देख लो, निर्धन […]

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Siyaasat

दया नहीं धर्म कहां प्यार होता है, मतलब सियासत का यार होता है। सपने,हंसी सब, पल भर का मेहमाँ, इंसाँ का ख्वाब, तार-तार होता है, मतलब सियासत का यार होता है। दोस्त का दोस्त भी, दोस्त है जहान में, प्रेम दया धर्म सब, रहता इंसान में, दुश्मन का दुश्मन यहां यार होता है, मतलब सियासत […]

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Insan aur Singhasan

Click here to read part ..3 तेरे ही कारण जग से यारा रार ठान ली, जब तूने ना समझा,अपनी मैं हार मान ली। मैं पत्थर से टकराता, जंगल मे राह बनाता, नामुमकिन है ना कुछ भी, मैं शोलों पर चल जाता, जग ने एक सुर से मेरी,जय-जयकार मान ली, जब तूने ना समझा मुझको मैं […]

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Nafrat ki Aandhi

शंखध्वनि, घंटे, अजान के, सुर में दुनियां नाच रही है, अपनी डफली छोड़कर देखो,मानवता चित्कार रही है। हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई, सब कहते सब भाई हैं, अल्लाह,ईश्वर,गॉड,गुरु में, फिर क्यों छिड़ी लड़ाई है, आहत है इन्सान यहां, हर घर पर आफत आयी है, सत्ता का संघर्ष मात्र, वर्चस्व की छिड़ी लड़ाई है, कैसा रूप लिया मानव,किस ओर ये […]

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Insan aur Sighashan(Part.3)

Click here to read part.2 तिनका तिनका जोड़ के कुटिया,एक बनाता है इंसान, जिसके सिर को छत मिल जाता,कितना इतराता इंसान। कितने ऐसे आज भी जिनके, सिर पर ऐसी घास नहीं, चलते चलते पैर थके, कितने को अब कुछ आस नहीं, आंखें बन जाती है पत्थर,ख्वाब नही पाता इंसान, जिसके सिर को छत मिल जाता,कितना […]

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Insan aur Singhashan (Part..2)

Click here to read part..1 मैं एक अदना सा इंसान, सदियों से मेरी एक उलझन,रोटी,कपड़ा और मकान, मैं एक अदना सा इंसान। कर देकर भी मुक्त हुए ना, हम सब पहली बार, कोड़ों की बरसात हुई थी, हम पर पहली बार, नंदबंश का राजा था वह, धनानंद था नाम, मानव को मानव ना समझा, मुश्किल […]

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Insan aur Singhashan(Part.1)

मैं एक अदना सा इंसान, जग में मेरी क्या पहचान, मेरी सदियों से एक उलझन, रोटी,कपड़ा और मकान,मैं एक अदना सा इंसान। राजतन्त्र या लोकतंत्र हो, या हो खेल सिंघासन का, जाति,धर्म या देश की सीमा, या हो खेल बिभाजन का, बातें सब ये बहुत बडी है, सदियों से इससे अनजान,मैं एक अदना सा इंसान। […]

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Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi

जिनके घर कच्चे है महल को,दूर से देख तरसते हैं, उनको क्या मालुम वहाँ पर,निसदिन आंसू बहते है। देख लिया दौलत महलों का,मन की त्रिसना ना देखा, हँसी,ठिठोली देखी उनकी,अंतर्द्वन्द नहीं देखा, चोरी का डर वहां किसी को,इनकम टैक्स के छापे का, भाई को भाई से डर है,छल से माल छुपाने का, महल बड़ा पर […]

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Jeene ke Kayee Thikaane

मैं भी एक रेस का घोड़ा था,मतवाला हाथी के जैसा, चीते सी फुर्ती मुझमें थी,थी तेज नजर बाजों जैसा, पर दिल कोमल था पत्तों सा,जिसके आगे मैं हार गया, एक मस्त हवा की झोंका पर,तन-मन अपना मैं वार गया | फिर रेस हमारा बिखर गया,मतवाले हम दिल खो बैठे, फिर छोड़ के डाली साथ उड़े,खुद […]

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Yaaden

जिंदगी रहे ना रहे लेख रह जाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे, नफरत की आग जला देगी जमाने को, मेरे और आपके संदेश रह जाएंगे। माना कि आपसे कोसों हैं दूर हम, सच है कि आप भी हमसे है दूर मगर, अपनी ये लेख मगर पास हमे लाएंगे, मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे। […]

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Mahangayee Maar Gayi

Image Credit :Google *जून 2017 की हृदयविदारक सच्ची घटना पर आधारित कविता।* Click hear to read part-1 महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान की, महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान की, सचमुच में मुश्किल में है जान अब किसान की, महंगी ने ली ली फिर से जान एक किसान […]

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