Araadhnaa
बिन मांगे सब देनेवाले, मैं सेवक तूं स्वामी है, क्या मांगू क्या तुझे बताऊँ, तुम तो अंतर्यामी है। तुमसे मैं हूँ,मुझमे तू है, मेरे सुख-दुःख में भी तू है, पल-पल की है खबर तुम्हें, ये तेरी प्रेम की प्यासी है, क्या मांगू क्या तुझे बताऊँ, तुम तो अंतर्यामी है।1 निराकार तू घट-घट में, आकार धरे […]
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