Dhairya ki Seema
धार तेज नदियों की चाहे, कोई दुर्गम घाटी हो, बाँध बना सकते हो उसपर, चाहे गीली माटी हो, मगर जो टूटा बाँध धैर्य का उसको बाँध ना पाओगे, खेल रहा क्यों धैर्य से मेरे,जीवन भर पछताओगे।2 टिप-टिप रिसता नल से पानी, उसे पलम्बर बंद करे, जब रिसता है आंख से पानी, कौन पलम्बर बंद करे, […]
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