Yaadon ka Bavander
चाँद शीतल ना जलता रवि हूँ, ना ही शायर ना कोई कवि हूँ, धुन समझा नहीं,भाव जाना नहीं, है अलंकार क्या मैंने जाना नहीं, छंद क्या है ना मुझको पता है, दिल ने समझा वही लिख दिया है, तू है Digital मेरी मैं तेरा ‘C’ बात कुछ भी नहीं है जरा सी, दिल तड़पता रहा,दर्द […]
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